शहडोल जिले में तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए ट्रक की बनावट में ही बड़ा बदलाव कर डाला था। ओडिशा से उत्तर प्रदेश की तरफ ले जाए जा रहे प्रतिबंधित गांजे की इस बड़ी खेप को पुलिस ने मुखबिर की सूचना और की गई नाकाबंदी के दौरान पकड़ लिया।्
मामला जयसिंहनगर थाना क्षेत्र का है। नवरात्रि के त्योहार के मद्देनजर पुलिस राजमार्गों पर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध ट्रक वहां से गुजरा। पुलिस टीम को देखकर चालक ने गाड़ी मोड़ने और कट मारकर भागने की कोशिश की, लेकिन पहले से सतर्क पुलिस बल ने घेराबंदी कर ट्रक को रोक लिया।
केबिन के पीछे बना रखा था सीक्रेट चैंबर
ट्रक की तलाशी के दौरान पुलिसकर्मियों को उसकी बनावट पर शक हुआ। जब केबिन के पीछे बारीकी से जांच की गई, तो वहां एक गुप्त चैंबर का पता चला।
इस मोडिफाई किए गए हिस्से से पुलिस ने 18 बोरियों में भरे कुल 81 पैकेट बरामद किए। वजन करने पर गांजे की कुल मात्रा 735 किलो 440 ग्राम निकली। पुलिस के मुताबिक, बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 73 लाख 50 हजार रुपये है, जबकि तस्करी में इस्तेमाल किए गए ट्रक की कीमत 40 लाख रुपये आंकी गई है। इस तरह कुल जब्ती का मूल्य 1 करोड़ 13 लाख 50 हजार रुपये है।
उत्तर प्रदेश और झारखंड के तस्कर गिरफ्तार
शहडोल के पुलिस अधीक्षक संजय अग्रवाल ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ट्रक चालक राहुल विश्वकर्मा उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, जबकि खलासी नारायण मंडल झारखंड का निवासी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह खेप ओडिशा के संबलपुर से किसके इशारे पर लाई जा रही थी और उत्तर प्रदेश में इसे किसे डिलीवर किया जाना था।
