रामपुर नैकिन विकासखंड के ग्राम शिकारगंज, पोस्ट बाघड़ में मूसलाधार बारिश के बाद मुख्य रास्ता बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। पानी के तेज बहाव से सड़क के बीचोंबीच गहरी कटान और बड़ा गड्ढा बन गया है, जिससे आगे स्थित करीब 150 से 200 परिवारों की आदिवासी बस्ती का संपर्क बाकी इलाके से कट गया है।
रोजमर्रा की आवाजाही ठप होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बच्चों को जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ रहा है। कई अभिभावक बच्चों को मुख्य सड़क तक छोड़ने जाने के लिए मजबूर हैं।
मरीजों और बुजुर्गों के लिए बढ़ा संकट
सड़क टूटने का सबसे गंभीर असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा है। ग्रामीणों के मुताबिक रास्ता खराब होने की वजह से एंबुलेंस और अन्य चारपहिया वाहन बस्ती के भीतर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने या आपात स्थिति पैदा होने पर मरीज को करीब एक किलोमीटर तक पैदल या खाट के सहारे मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह सफर और भी जोखिम भरा साबित हो रहा है।
सरपंच और सचिव को दी जा चुकी है जानकारी
स्थानीय लोगों का कहना है कि रास्ते की बदहाली को लेकर कई बार सरपंच और सचिव को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। बारिश के पानी से हुई कटान के कारण अब यह रास्ता पूरी तरह खतरनाक हो गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल मौके का निरीक्षण कर सड़क की मरम्मत कराई जाए। साथ ही, पानी के बहाव से दोबारा सड़क टूटने से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि बच्चों की शिक्षा और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू हो सकें।
