राजस्थान की फसलें बनेंगी नेशनल ब्रांड, 7 जिलों में खुलेंगे इन्क्यूबेशन सेंटर
राजस्थान सरकार प्रदेश की कृषि को नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। पंच गौरव कार्यक्रम के तहत राज्य के सात जिलों में 14 करोड़ रुपये की लागत से कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन आधुनिक केंद्रों का उद्देश्य स्थानीय कृषि और बागवानी उत्पादों को प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है, ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके। बारां में लहसुन, चित्तौड़गढ़ में सीताफल, जालोर में अनार, झालावाड़ में संतरा, जयपुर में आंवला, अजमेर में गुलाब और जैसलमेर में खजूर के लिए विशेष इन्क्यूबेशन सेंटर बनाए जाएंगे। इन केंद्रों में ग्रेडिंग, सॉर्टिंग, मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग और लेबलिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे किसानों, एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों, ग्रामीण स्टार्टअप्स और सूक्ष्म उद्यमियों को अलग से बड़ी पूंजी निवेश करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार का मानना है कि इससे कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा राजस्थान की विशिष्ट फसलों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। इसके अलावा इन सेंटरों को प्रशिक्षण और लाइव डेमो हब के रूप में भी विकसित किया जाएगा, जहां किसानों और उद्यमियों को आधुनिक फूड प्रोसेसिंग, गुणवत्ता मानकों, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और व्यवसाय प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।