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पेट्रोल-डीजल हड़ताल पर केंद्र सरकार अलर्ट

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 पेट्रोल-डीजल हड़ताल पर केंद्र सरकार अलर्ट

राजस्थान में 1 जून 2026 से प्रस्तावित पेट्रोल पंप डीलर्स की अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर ईंधन संकट के डर के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति साफ़ कर दी है.. आपको बता दे  पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और घरेलू तथा औद्योगिक दोनों जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त से भी अधिक आपूर्ति मौजूद  है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पूरे मामले की निगरानी की और तेल विपणन कंपनियों से लेकर  राज्य सरकारों और उद्योग संगठनों के साथ लगातार संपर्क बनाते हुए   निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि भारत की रिफाइनिंग क्षमता न केवल घरेलू खपत से अधिक है, बल्कि देश पेट्रोलियम उत्पादों का बड़ा निर्यातक भी है, ऐसे में किसी भी तरह का ईंधन संकट वास्तविक कमी की वजह से नहीं बल्कि वितरण और प्रबंधन से जुड़े कारणों से पैदा हुए भ्रम का परिणाम है।

सरकार के निर्देश के अनुसार देश में 22 चालू रिफाइनरियां हैं जिनकी कुल वार्षिक क्षमता 25.81 करोड़ टन से ज्यादा  है, जबकि घरेलू खपत इससे भी कम है। इसके अलावा भारत हर साल बड़ी मात्रा में पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात  करता है, जिससे यह साफ़ है कि आपूर्ति व्यवस्था मजबूत है। मंत्रालय का भी ये कहना है कि कुछ राज्यों में आर्बिट्राज और कीमतों के अंतर का गलत फायदा उठाने के चलते  बाजार में कृत्रिम कमी का माहौल बनाया गया... वहीं सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां आम जनता को राहत देने के लिए प्रतिदिन भारी वित्तीय नुकसान उठाकर ईंधन उपलब्ध करा रही हैं, ताकि आम उपभोक्ता को परेशानी का सामना न करना पड़े... 

वही  राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन अपनी मांगों को लेकर 1 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी फिर से दोहराई है, जिससे राज्य में प्रशासनिक और उपभोक्ता स्तर पर चिंता बढ़ने जैसे हालात पैदा हो गए है। डीलर्स के मुताबिक काफी  समय से लंबित समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे सभी पेट्रोल पंप बंद कर देंगे। इस घोषणा के होने के बाद राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों सक्रिय सक्रिय रूप में नजर आ रही  हैं और लगातार संवाद की प्रक्रिया चल रही है।

सरकार ने सभी राज्यों को भी सख्त निर्देश देते हुए किसी भी तरह की जमाखोरी, कालाबाजारी या ईंधन के डायवर्जन पर तुरंत कार्रवाई करने की बात कही है  इसके लिए विशेष दस्तों के गठन की भी बात सामने आयी  है जो पूरे मामले पर निगरानी रखेंगे और गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई भी करेंगे

वही केंद्र सरकार के द्वारा भी  नागरिकों से अपील की गयी की वे सोशल मीडिया या अन्य असत्यापित स्रोतों से फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और सामान्य खरीदारी लगातार जारी रखें। सरकार ने साफ़ किया की  देश में ईंधन  पर्याप्त मात्रा में  उपलब्ध है और किसी भी प्रकार का संकट पैदा होने की संभावना बिल्कुल भी नहीं है। हालांकि राजस्थान में डीलर्स की हड़ताल की चेतावनी के चलते स्थिति पर लगातार नजर बनाई हुई है और आने वाले दिनों में सरकार और डीलर्स के बीच वार्ता से समाधान निकलने की उम्मीद जताई गयी  है।

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