भजनलाल सरकार ने उठाया बड़ा कदम अब अवैध वाहनों पर होगी कार्यवाही
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर एक्शन मोड में नजर आये सरकार ने ये साफ कर दिया है कि प्रदेश में अब अवैध मॉडिफाइड वाहनों और नियम तोड़ने वालों पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। वही परिवहन विभाग ने पूरे राज्य में विशेष चेकिंग अभियान शुरू करने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं। और इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन असामाजिक तत्वों पर रोक लगाना है जो वाहनों में अवैध बदलाव कर मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध परिवहन और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देते हैं। सरकार का कहनाहै कि ऐसे मॉडिफाइड वाहन अपराधियों के लिए पहचान छिपाने और पुलिस से बचने का आसान तरीका बन जाते हैं। और इसी को लेकर सभी RTO और DTO अधिकारियों को सख्त गाइडलाइंस दी गई हैं कि मोटर व्हीकल एक्ट 1988 और केंद्रीय मोटर व्हीकल नियम 1989 का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। नियम तोड़ने वाले वाहनों को चालान, जब्ती और जरूरत पड़ने पर सीज करने तक की कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने वाहन मालिकों को राहत प्रदान करते हुए 3 दिन का अल्टीमेटम भी दिया है। इस दौरान जिन वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन, काली फिल्म, नियम विरुद्ध नंबर प्लेट, तेज आवाज वाले साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न या अवैध लाइट्स लगी हैं, उन्हें खुद से ठीक करने का मौका दिया गया है। इसके बाद किसी भी तरह की रियायत नहीं बरती जाएगी 3 दिन की समय सीमा खत्म होते ही पूरे राजस्थान में ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की विशेष टीमें सड़कों पर उतरेंगी और सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। नई गाइडलाइंस के तहत ये साफ कर दिया गया है कि वाहन की मूल संरचना जैसे रंग, सीटिंग कैपेसिटी, बॉडी डिजाइन या तकनीकी बदलाव बिना अनुमति पूरी तरह अवैध माने जाएंगे। कई युवा अपने वाहनों में टायर बाहर निकालना, बॉडी मॉडिफाई करना और बुलेट साइलेंसर बदलकर तेज आवाज करना जैसी हरकतें करते दिखते है जिन पर अब सख्त से सख्त कार्यवाही होगी। इसके अलावा बिना अनुमति लाल, नीली या बीकन लाइट, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट या हूटर लगाने पर भी तुरंत कार्रवाई की जाएगी और मौके पर ही ऐसे उपकरण हटाकर जब्त किये जाएंगे। ध्वनि प्रदूषण को लेकर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। प्रेशर हॉर्न और एयर हॉर्न जैसे तेज आवाज वाले उपकरणों को गंभीर अपराध की श्रेणी में रख दिया गया है। ऐसे मामलों में केवल चालान ही नहीं बल्कि ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड या रद्द करने तक की कार्रवाई की जाएगी।






