इंदौर हनी ट्रैप मामले में बड़ा खुलासा
इंदौर में शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह उर्फ चिंटू ठाकुर से जुड़े चर्चित हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग मामले में पुलिस जांच लगातार गहराती जा रही है। क्राइम ब्रांच ने अब मामले में एक और महिला आरोपी को हिरासत में लिया है। सागर से पकड़ी गई महिला की पहचान रेशू उर्फ अभिलाषा चौधरी के रूप में हुई है, जिसे पुलिस कथित हनी ट्रैप नेटवर्क की अहम कड़ी मान रही है। बताया जा रहा है कि रेशू भाजपा के एक प्रकोष्ठ में पदाधिकारी भी रह चुकी है।क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि रेशू उर्फ अभिलाषा चौधरी, श्वेता विजय जैन और महिला शराब तस्कर अलका दीक्षित के साथ मिलकर कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क में सक्रिय थी। पुलिस के मुताबिक, श्वेता विजय जैन के जरिए रेशू का संपर्क अलका दीक्षित से हुआ और इसके बाद प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाकर रुपए ऐंठने की साजिश रची गई इससे पहले क्राइम ब्रांच श्वेता विजय जैन, अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप, प्रॉपर्टी कारोबारी लाखन चौधरी और हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा को हिरासत में ले चुकी है। वहीं श्वेता विजय जैन ने पुलिस के सामने सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई है वही जांच एजेंसियों की प्राथमिकता अब रेशू और अलका के पास मौजूद कथित हनी ट्रैप वीडियो, ऑडियो और डिजिटल सबूतों को जब्त करना है। सूत्रों के अनुसार आरोपियों के मोबाइल फोन से कुछ ऑडियो-वीडियो फाइलें भी रिकवर की गई हैं इधर हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा से भी देर रात तक पूछताछ की गई। पुलिस को अलका दीक्षित से उसके सीधे संपर्क के संकेत मिले हैं जांच में यह भी सामने आया है कि रेशू और उसके साथियों ने निमाड़ क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता को भी निशाना बनाया था। पुलिस के मुताबिक जब अलका ने चिंटू ठाकुर को ब्लैकमेल करने की कोशिश की, तब उसने अपनी ऊंची पहुंच का हवाला दिया था। इसके जवाब में अलका ने कथित तौर पर बड़े लोगों के वीडियो होने का दावा किया था सूत्रों के अनुसार ब्लैकमेलिंग की शिकायत मिलने के करीब 19 दिन बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। वहीं चिंटू ठाकुर पहले से आजाद नगर थाने में हत्या के प्रयास के एक मामले में आरोपी बताया जा रहा है।पुलिस रिमांड में श्वेता विजय जैन ने खुलासा किया कि उसकी अलका और रेशू दोनों से लगातार बातचीत होती थी उसने अलका को प्रभाव शाली लोगों से दूर रहने की सलाह भी दी थी, लेकिन इसके बावजूद कथित साजिश जारी रही है जांच में सामने आया है कि रेशू, अलका और श्वेता के साथ कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क में सक्रिय थी। श्वेता विजय जैन के माध्यम से उसका संपर्क अलका दीक्षित से हुआ था, जिसके बाद प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाने की योजना बनाई गई।"







