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जैसलमेर स्थित डोंडेवाला क्षेत्र में मिला गैस का भंडार

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 जैसलमेर स्थित डोंडेवाला क्षेत्र में मिला गैस का भंडार

राजस्थान के जैसलमेर स्थित डोंडेवाला क्षेत्र में गैस का भंडार मिलने से  बाड़मेर-सांचौर बेसिन में तेल और गैस की नई संभावनाओं को लेकर उम्मीदें फिर से जग गयी हैं। हालांकि 2017 से शुरू हुई इस बड़ी तेल खोज अभियान के अंदर अब तक कोई बड़ी खोज सामने नहीं आई थी पर  विशेषज्ञ मानते हैं कि यह नई गैस खोज आने वाले समय में राजस्थान को ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल कराएगी। आपको बता दे  बाड़मेर, जैसलमेर और बीकानेर के 11 ब्लॉकों में पिछले कई वर्षों से तेल खोज का काम चल रहा है और अब तक 100 से अधिक कुओं की खुदाई हो चुकी है, जबकि इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश किया गया है। जिसको लेकर  बाड़मेर-सांचौर बेसिन से सिर्फ 75 हजार बैरल प्रतिदिन तेल उत्पादन हो रहा है,जबकि बालोतरा के पचपदरा में बन रही 9 मिलियन टन क्षमता वाली रिफाइनरी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए करीब 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन उत्पादन की जरूरत पड़ेगी जानकारों का कहना है कि मौजूदा उत्पादन रिफाइनरी की जरूरत के मुकाबले बेहद कम साबित हो रहा है और अभी भी अरब देशों से भारी मात्रा में कच्चा तेल आयात करने की जरूरत है...  वही दूसरी तरफ मंगला, भाग्यम और ऐश्वर्या जैसे बड़े तेल क्षेत्रों से लगातार वर्षों से तेल निकाला गया..   जिसके चलते धीरे-धीरे कम हो रहे हैं। बस यही कारण है कि अब एक नई बड़ी खोज राजस्थान और देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद अहम साबित होगी। जानकारी के अनुसार  तेल कंपनियां डेजर्ट नेशनल पार्क और भारत-पाक बॉर्डर से सटे इलाकों में भी तेल खोज की अनुमति चाहती हैं, लेकिन पर्यावरण और सुरक्षा कारणों के चलते अब तक मंजूरी नहीं मिल सकी... कुल मिलाकर एक्सपर्ट्स मानते है कि यदि सरस्वती नदी के प्राचीन मार्गों और रेगिस्तानी भूगर्भीय संरचना के आधार पर खोज की जाए तो भविष्य के अंदर बड़े तेल और गैस भंडार मिलने की संभावना है.... 

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