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निवाड़ी में स्वच्छता सर्वे में फर्जीवाड़े का आरोप

मध्य प्रदेश
निवाड़ी में स्वच्छता सर्वे में फर्जीवाड़े का आरोप

निवाड़ी जिले की पृथ्वीपुर नगर परिषद में स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। नगर परिषद पर आरोप है कि स्वच्छता के वास्तविक कार्यों के बजाय सिर्फ फोटोशूट कराकर बेहतर रैंकिंग हासिल करने की कोशिश की जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।निवाड़ी जिले की पृथ्वीपुर नगरपरिषद में स्वच्छता सर्वेक्षण में जमकर फर्जीवाड़ा किया जा रहा हैं ताज़ा मामला पृथ्वीपुर नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 7 की मुख्य सड़क का बताया जा रहा है। आरोप है कि स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान सड़क किनारे वाहन से डस्टबिन लाकर रखे गए, पौधों के गमले सजाए गए और चूने की मार्किंग कर क्षेत्र को व्यवस्थित दिखाया गया। इसके बाद बाकायदा फोटो और वीडियो शूट कराया गया।लेकिन गंभीर बात ये रही कि जैसे ही फोटोशूट पूरा हुआ, डस्टबिन और गमलों को वापस वाहन में रखकर वहां से हटा लिया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा आयोजन केवल कैमरों के लिए किया गया था, ताकि कागजों और तस्वीरों में स्वच्छता दिखाई जा सके। बताया जा रहा है कि यह पूरी कवायद करीब एक घंटे तक नगर के प्रमुख स्थानों पर चलती रही, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वहीं नगर परिषद के एक पार्षद ने इस पूरे मामले को स्वच्छता सर्वेक्षण के नाम पर फर्जीवाड़ा बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नगर के कई वार्डों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, नालियां टूटी पड़ी हैं और मूलभूत व्यवस्थाएं बदहाल हैं। इसके बावजूद जमीनी सुधार करने के बजाय फोटो सेशन के जरिए अधिकारियों और जनता को गुमराह किया जा रहा है।पार्षद ने नगर परिषद के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि स्वच्छता के नाम पर जनता के पैसों की बर्बादी की जा रही है और केवल दिखावे के जरिए बेहतर रैंकिंग हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है। अब वायरल वीडियो के सामने आने के बाद लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले की जांच कर क्या कार्रवाई करते हैं।फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने पृथ्वीपुर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि स्वच्छता सर्वेक्षण में पारदर्शिता और जमीनी हकीकत को लेकर प्रशासन क्या कदम उठाता है।

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