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नेपानगर में “लापता विधायक” पोस्टर से गरमाई राजनीति

मध्य प्रदेश
नेपानगर में “लापता विधायक” पोस्टर से गरमाई राजनीति

बुरहानपुर जिले की नेपानगर विधानसभा में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई जब निंबोला गांव में स्थानीय विधायक मंजू राजेंद्र दादू के लापता होने के पोस्टर लगाए गए। अज्ञात लोगों द्वारा लगाए गए इन पोस्टरों के सामने आने के बाद कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने आ गई हैं। कांग्रेस इसे जनता का आक्रोश बता रही है, जबकि बीजेपी इसे विपक्ष की राजनीतिक नौटंकी करार दे रही है।नेपानगर विधानसभा क्षेत्र के निंबोला गांव के पास मगरूल रोड पर अज्ञात लोगों ने स्थानीय विधायक मंजू राजेंद्र दादू की तस्वीर और नाम के साथ "लापता विधायक" लिखे पोस्टर लगा दिए। पोस्टर सामने आते ही क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। सूचना मिलने पर विधायक समर्थक मौके पर पहुंचे और पोस्टरों को तत्काल हटा दिया गया, लेकिन तब तक मामला राजनीतिक रंग ले चुका था।पोस्टर प्रकरण को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रदेश महासचिव अजय सिंह रघुवंशी ने आरोप लगाया कि विधायक बनने के बाद जनप्रतिनिधि जनता से दूर हो गए हैं। उनका कहना है कि संकट के समय जनता के बीच जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति से लोगों में नाराजगी है और यही नाराजगी इन पोस्टरों के माध्यम से सामने आई है।वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज माने ने कहा कि नेपानगर विधायक मंजू दादू और बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनीस जिले की सबसे सक्रिय जनप्रतिनिधियों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि दोनों विधायक लगातार क्षेत्र का दौरा कर जनता के बीच मौजूद रहती हैं और कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं होने के कारण वह ऐसे विवादों को हवा देने का प्रयास कर रही है।फिलहाल पोस्टर लगाने वाले कौन हैं, इसका खुलासा नहीं हो पाया है। लेकिन इस घटनाक्रम ने नेपानगर की राजनीति को गर्मा दिया है। एक ओर कांग्रेस इसे जनता की आवाज बता रही है, तो दूसरी ओर भाजपा इसे विपक्ष की साजिश करार दे रही है। आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक राजनीतिक तूल पकड़ सकता है..निंबोला में लगे इन पोस्टरों ने भले ही कुछ समय के लिए जगह बनाई हो, लेकिन इसने राजनीतिक गलियारों में बहस छेड़ दी है कि आखिर जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद कितना मजबूत है।

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