दो साल की मासूम की मौत मामले में नया मोड़
इंदौर में दो साल की एक मासूम बच्ची की मौत के मामले में बड़ा मोड़ सामने आया है। परिजनों द्वारा इलाज में लापरवाही और गलत उपचार के आरोप लगाए जाने के बाद प्रशासन की अनुमति से बच्ची के शव को कब्र से बाहर निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। अब पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।दरअसल इंदौर के भंवरकुआ थाना क्षेत्र में दो वर्षीय बच्ची की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। बताया जा रहा है कि बच्ची को उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद शहर के तीन अलग-अलग अस्पतालों में उपचार के लिए ले जाया गया था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही और गलत इलाज का आरोप लगाया। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम की अनुमति प्राप्त कर बच्ची के शव को कब्र से बाहर निकाला गया और दोबारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराई गई। पोस्टमार्टम पांच डॉक्टरों के विशेष पैनल की मौजूदगी में किया गया। इस दौरान जांच के लिए विसरा भी सुरक्षित रखा गया है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का वैज्ञानिक परीक्षण किया जा सके। साथ ही उपचार के दौरान दी गई दवाओं और मेडिकल प्रक्रियाओं की भी जांच की जाएगी। पुलिस अब उन तीनों अस्पतालों से इलाज से जुड़े दस्तावेज और मेडिकल रिकॉर्ड जुटा रही है, जहां बच्ची का उपचार हुआ था। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विसरा जांच और चिकित्सा दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद ही मौत के कारणों और संभावित लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल भंवरकुआ थाना पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।







