इंदौर में ब्रिक्स सम्मेलन की तैयारी शुरू
इंदौर में 9 से 13 जून तक होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में 21 देशों के कृषि मंत्रियों के सम्मेलन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित यह पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय आयोजन होगा, जिसमें 21 देशों के प्रतिनिधि, कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक और केंद्र सरकार के कृषि विभाग से जुड़े अधिकारी भी शामिल होंगे। ब्रिक्स सदस्यों के सभी 21 देश पूरे की विश्व की 45 प्रतिशत खेती करते हैं जिसके आधार पर आधी धरती के किसानों को लेकर इस आयोजन में निर्णय लिए जाएंगे।दरअसल इंदौर के आयोजित होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन का पहला चरण 9 से 11 जून तक ब्रिक्स एग्रीकल्चर वर्किंग ग्रुप की बैठक के रूप में आयोजित होगा, जबकि 12 और 13 जून को सदस्य देशों के कृषि मंत्रियों का उच्चस्तरीय सम्मेलन होगा। इस दौरान खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन के बीच टिकाऊ कृषि, स्मार्ट फार्मिंग, डिजिटल एग्रीकल्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, कृषि व्यापार, सप्लाई चेन और किसान कल्याण जैसे विषयों पर चर्चा होगी। यह आयोजन इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर और होटल शेरेटन ग्रैंड में आयोजित किए जाने हैं, जिसके लिये प्रशासनिक और राजनैतिक स्तर पर तैयारियां लगभग अंतिम दौर में पहुंच गई है। जिसके लिए इंदौर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के आला अधिकारियों और केंद्रीय कृषि विभाग के अधिकारियों ने दोनों ही कार्यक्रम स्थलों पर तैयारियों का जायजा लिया।गौरतलब है कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने हाल ही में इंदौर में ही तैयारियों की समीक्षा की थी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय स्टैंडर्ड के अनुरूप हों। शहर की सड़कों, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा, होटल मैनेजमेंट, एयरपोर्ट पर रिसीविंग और सम्मेलन स्थलों को विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है। वही केंद्र और राज्य सरकार का दावा है कि यह सम्मेलन केवल एक राजनयिक कार्यक्रम नहीं बल्कि वैश्विक कृषि नीति को नई दिशा देने वाला मंच साबित होगा। ब्रिक्स देशों के पास दुनिया की लगभग 42 प्रतिशत कृषि भूमि, 68 प्रतिशत छोटे किसान और 45 प्रतिशत वैश्विक अनाज उत्पादन है, इसलिए यहां होने वाली चर्चाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्मेलन के माध्यम से इंदौर न केवल वैश्विक कृषि विमर्श का केंद्र बनेगा, बल्कि मध्य प्रदेश की कृषि क्षमता, इनोवेशन और इन्वेस्टमेंट की संभावनाओं को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलेगी। ब्रिक्स देशों के बीच होने वाली यह महत्वपूर्ण चर्चा खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ खेती और नई कृषि तकनीकों को नई दिशा देने का काम करेगी। ऐसे में यह आयोजन भारत और विशेष रूप से इंदौर के लिए गौरव और विश्व स्तरीय नेतृत्व का अवसर माना जा रहा है।







