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गौ माता को राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग

मध्य प्रदेश
गौ माता को राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग

बुरहानपुर में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने सामाजिक सौहार्द और गौ संरक्षण के संदेश को नई दिशा दी। जहां आमतौर पर गौ संरक्षण को लेकर हिंदू संगठनों और साधु-संतों की आवाज सुनाई देती है, वहीं इस बार अल्पसंख्यक समाज और एमआईएम पार्टी के पदाधिकारी भी गौ माता के संरक्षण की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे। राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और गौ हत्या पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की गई।बुरहानपुर कलेक्ट्रेट पहुंचकर एमआईएम पार्टी के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और अल्पसंख्यक समाज के लोगों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय संस्कृति में गौ माता को विशेष सम्मान प्राप्त है और प्राचीन काल से ही गौवंश की रक्षा को महत्वपूर्ण माना जाता रहा है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए ताकि उसके संरक्षण को और अधिक मजबूती मिल सके,ज्ञापन सौंपने पहुंचे लोगों का कहना था कि गौ माता केवल एक पशु नहीं बल्कि देश की सांस्कृतिक और धार्मिक आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि समाज में सौहार्द और सद्भावना का संदेश देने के लिए सभी वर्गों को मिलकर गौ संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए। अल्पसंख्यक समाज के लोगों की इस पहल को भी सामाजिक एकता और आपसी सम्मान का संदेश माना जा रहा है।वहीं प्रशासन की ओर से डिप्टी कलेक्टर सृजन श्रीवास्तव ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए कहा कि एमआईएम पार्टी और अल्पसंख्यक समाज द्वारा गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने संबंधी मांग का ज्ञापन सौंपा गया है, जिसे नियमानुसार उच्च अधिकारियों तक भेजा जाएगा।गौ संरक्षण को लेकर अक्सर अलग-अलग मंचों से मांगें उठती रही हैं, लेकिन बुरहानपुर में अल्पसंख्यक समाज और एमआईएम पार्टी द्वारा इस मुद्दे पर आगे आकर ज्ञापन सौंपना चर्चा का विषय बना हुआ है। यह पहल एक ऐसा संदेश भी देती है कि सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर विभिन्न समुदाय एक साथ खड़े होकर अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रख सकते हैं। अब देखना होगा कि इस मांग पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।

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