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बीजेपी-आरएलपी में टकराव तेज कुचामन में काले झंडे दिखाने पर 9 कार्यकर्ता हिरासत में

आपणो राजस्थान
बीजेपी-आरएलपी में टकराव तेज कुचामन में काले झंडे दिखाने पर 9 कार्यकर्ता हिरासत में

 भाजपा और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के बीच एक बार फिर राजनीतिक टकराव खुलकर सामने आ गया है. ...  भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के दौरे के दौरान आरएलपी कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और  उन्हें रास्ते में काले  झंडे दिखाए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई  इस दौरान कार्यक्रम स्थल के बाहर माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया, जिसके बाद पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए हल्का बल का प्रयोग करना पड़ा और मौके से 9 प्रदर्शनकारीयों और  कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। बता दे मदन राठौड़ यहां दो दिवसीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने के लिए गए थे, लेकिन उनके पहुंचते ही विरोध अचानक शुरू हो गया।

जानकारी के मुताबिक आरएलपी कार्यकर्ता पहले से ही कार्यक्रम स्थल के आसपास मौजूद थे और जैसे ही भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पहुंचे, उन्होंने नारेबाजी शुरू कर  दी। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार और नेतृत्व के खिलाफ भी तीखी टिप्पणियां करते हुए माहौल को और गर्म कर दिया। पुलिस और प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला और भीड़ को नियंत्रित किया। और प्रदर्शनकारियों को कार्यक्रम स्थल से दूर किया, ताकि स्थिति को संभाला जा सके 

वही  पिछले कुछ दिनों से भाजपा और आरएलपी के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है, खासकर भेराना धाम मामले को लेकर दोनों दलों के नेताओं ने एक-दूसरे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगाए थे और इसी विवाद की आंच अब सड़क पर विरोध प्रदर्शनों के रूप में दिखाई देने लगी है।

वही भाजपा की  प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति मिर्धा ने आरएलपी और इसके संयोजक हनुमान बेनीवाल पर तीखा हमला बोला और  आरोप लगाया कि धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक रंग साधने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा पहले से ही संतों और समाज की मांगों के समाधान की दिशा में काम कर रही थी, लेकिन आरएलपी ने इसे राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दे के रूप में बना दिया।

 भाजपा नेताओं ने हनुमान बेनीवाल की भाषा शैली पर भी सवाल उठाए और  कहा कि सार्वजनिक मंचों पर मर्यादा का पालन करना जरूरी होता है। साथ ही नागौर भाजपा जिलाध्यक्ष ने भी आरोप लगाया कि बेनीवाल ने मुख्यमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। कुल मिलकर इस पूरे घटनाक्रम के बाद दोनों दलों के बीच राजनीतिक तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है और आने वाले दिनों में टकराव और गहराने की स्थिति पैदा हो सकती है.... 

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