खंडवा के ओंकारेश्वर में आस्था के साथ लोगों की जिंदगी भी बचा सकते हैं। मतलब अब ओंकारेश्वर में आस्था के साथ सेवा भी जुड़ गई है। ओंकारेश्वर में आने वाले श्रद्धालुओं को रक्तदान करने पर ओंकारेश्वर मंदिर में फ्री VIP दर्शन करने को मिल रहा है। इस पहल का असर ये हुआ है कि चार महीने में अब तक 2300 यूनिट ब्लड उपलब्ध करा दिया गया हैइसका मकसद केवल यह है कि किसी भी तरह के हादसे में घायल व्यक्ति या जरूरतमंद को समय पर ब्लड मिल सके नर्मदा तट पर विराजमान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर से बड़ी पहल शुरू हुई और उसका व्यापक असर देखने को मिला। यहां रक्तदान करने पर वीआईपी दर्शन की सुविधा मिल रही है। इस साल फरवरी में इसकी शुरुआत हुई थी, जिसके बाद अबतक 2300 यूनिट ब्लड उपलब्ध हुआ। ओंकारेश्वर में रक्तदान शिविर लगातार लगाया जा रहा है। जो श्रद्धालु यहां रक्तदान कर रहे हैं, उन्हें प्रमाण पत्र दिया जा रहा है और उसी आधार पर मंदिर ट्रस्ट से फ्री वीआईपी पास मिल रहा है। इसके बाद भक्त लाइन में लगे बिना VIP दर्शन कर रहे हैं। इसमें काफी भक्त जो ओंकारेश्वर आ रहे हैं, वह काफी बढ़चढ़ के इस रक्तदान की पहल शामिल हो रहे हैं। चार महीनों के इस अभियान में कई यूनिट ब्लड जिला अस्पताल की ब्लड में बैंक में आया है। जो किसी की जिंदगी बचाने के काम आ रहा है।वही श्रद्धालुओं को भी 4_5 घंटे लाइन में नहीं लगना पड़ेगा वह प्रमाण पत्र दिखाकर सीधे विप दर्शन कर सकते हैं इससे श्रद्धालु भी काफी खुश है खंडवा मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल में रोजाना करीब 80 यूनिट ब्लड की जरूरत होती है, लेकिन एक्सचेंज में सिर्फ 50 से 55 यूनिट ही मिल पाता है। सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों के लिए सबसे ज्यादा खून की आवश्यकता पड़ती है। प्रशासन को उम्मीद थी कि आस्था से जुड़ी इस पहल से रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और अस्पताल में रक्त की कमी नहीं रहेगी। ये उम्मीद न सिर्फ पूरी हुई बल्कि ब्लड की कमी भी दूर हो गई। कलेक्टर ने कहा कि हर वीकेंड पर 50 से 60 हजार श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। हमारी पहल का हमें हमारी उम्मीद से ज्यादा प्रतिसाद मिला है। इससे न सिर्फ हमारे जिले की, बल्कि आसपास के जिलों की ब्लड की मांग पूरी करने में सहयोग दे पा रहे हैं। वहीं, मांधाता विधायक नारायण पटेल ने कहा कि ओंकारेश्वर की ये जो पहल है, ये अन्य किसी ज्योतिर्लिंग में नहीं है। इससे न सिर्फ श्रद्धालुओं को वीआईपी दर्शन हो रहे हैं, बल्कि ब्लड की उपलब्धता से लोगों की जिंदगियां भी बचाई जा रही है श्रद्धालुओं का कहना है कि रक्तदान करने के बाद उन्हें जो वीआईपी दर्शन की सुविधा मिलती है, उससे समय की बचत होती है और उन्हें संतोष भी मिलता है कि उनका दान किसी जरूरतमंद की जान बचाने में काम आएगा। इस तरह ओंकारेश्वर में यह पहल आस्था, सुविधा और मानवता—तीनों को एक साथ जोड़ने का उदाहरण बन गई है।
ओंकारेश्वर में रक्तदान से दूर हुई ब्लड की कमी
मध्य प्रदेश

