प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर का गोवा में निधन हो गया। गुरुवार रात पुणे के डोंजे गांव स्थित उनके फार्महाउस पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने उन्हें मुखाग्नि दी।
गोवा से पुणे तक पार्थिव शरीर लाने की प्रक्रिया में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खुद साथ रहे। अभिनेता के निधन की खबर मिलते ही हिंदी और मराठी सिनेमा जगत के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी शोक की लहर दौड़ गई।
डोंजे गांव में हुआ अंतिम संस्कार
गुरुवार देर रात हुए अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के सदस्यों के अलावा फिल्म जगत की कई हस्तियां, राजनीतिक नेता और बड़ी संख्या में स्थानीय प्रशंसक मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से दिग्गज कलाकार को अंतिम विदाई दी।
अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों और परिजनों की भारी भीड़ के बीच बेटे मल्हार पाटेकर ने मीडिया को जानकारी दी कि सुबह निधन होने के कारण पार्थिव शरीर को अधिक समय तक रखना संभव नहीं था, इसी वजह से गुरुवार रात ही अंत्येष्टि संपन्न कर दी गई।
सिनेमा जगत में शोक की सुगबुगाहट
नाना पाटेकर के जाने से अभिनय जगत में एक ऐसा खालीपन आया है जिसे आसानी से भरा नहीं जा सकता। उनकी सधी हुई अदायगी और बेबाक अंदाज ने दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज किया। सोशल मीडिया से लेकर व्यक्तिगत मुलाकातों तक, तमाम कलाकारों और दिग्गजों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
