अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) के वित्तीय प्रदर्शन में चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) 148% की छलांग लगाकर ₹1,323 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा ₹534 करोड़ रहा था। मुनाफे में आई इस तेज बढ़त के पीछे मुख्य रूप से ₹1,581 करोड़ की टैक्स छूट का बड़ा योगदान रहा है।
ऑपरेशनल रेवेन्यू और EBITDA में इजाफा
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कंपनी का कामकाज से होने वाला ऑपरेशनल रेवेन्यू 52.8% बढ़कर ₹10,075.5 करोड़ दर्ज किया गया। बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में कंपनी ने ₹6,596 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया था।
बिक्री और कुल कमाई में बढ़ोतरी के साथ कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और ए amortization से पहले की कमाई) में भी 35.5% की वृद्धि हुई है। इस दौरान EBITDA बढ़कर ₹3,101.5 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹2,289 करोड़ था।
हालांकि, लागत बढ़ने के कारण कंपनी का EBITDA मार्जिन 34.7% से गिरकर 30.7% पर आ गया है। यानी मार्जिन में 4% की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद बढ़ते खर्चों का असर मुनाफे की मार्जिन पर पड़ा है। इससे पहले 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में कंपनी का मुनाफा 124% बढ़कर ₹1,149 करोड़ और ऑपरेशनल रेवेन्यू 42% बढ़कर ₹9,711 करोड़ रहा था।
निवेशकों के लिए सतर्क रुख और शेयर का हाल
मजबूत वित्तीय नतीजों के बावजूद स्टॉक मार्केट में कंपनी के शेयरों में सुस्ती का माहौल बना हुआ है। बुधवार को कंपनी का शेयर 2.94% की गिरावट के साथ ₹1,326 पर बंद हुआ था। बाजार के जानकारों ने फिलहाल निवेशकों को इस शेयर में नई खरीदारी (Fresh Buying) से बचने की सलाह दी है।
नेटवर्क और आगामी योजनाएं
देश की सबसे बड़ी प्राइवेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का कारोबार पावर ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन, स्मार्ट मीटरिंग और कूलिंग सॉल्यूशंस जैसे सेक्टरों में फैला हुआ है।
कंपनी का ट्रांसमिशन नेटवर्क देश के 16 राज्यों में फैला है और इसकी कुल ट्रांसमिशन लाइनें 26,600 किलोमीटर से अधिक हैं। इसके अलावा, मुंबई और मुंद्रा SEZ जैसे प्रमुख क्षेत्रों में कंपनी 1.2 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति करती है। वर्तमान में कंपनी 2.28 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने के बड़े ऑर्डर पर भी तेजी से काम कर रही है।
कंपनी के CEO कंदर्प पटेल ने बताया कि सभी व्यावसायिक वर्टिकल्स में बेहतर प्रदर्शन और अनुशासित वित्तीय प्रबंधन के बल पर कंपनी अपने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिससे निवेशकों को दीर्घकालिक लाभ मिलता रहेगा।
