अलवर शहर में रविवार की सुबह मुनिश्री की भव्य शोभायात्रा के साथ धार्मिक उत्साह का माहौल रहा। कर्मचारी कॉलोनी से शुरू हुई यह यात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए स्कीम नंबर-10 स्थित जैन भवन पहुंची, जहां मुनिश्री का मंगल प्रवेश हुआ।
धार्मिक अनुष्ठान और अमृत वचन जैन भवन में सुबह 9 बजे से मुख्य अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। इसमें मंगलाचरण, आचार्य पूजन, चित्र अनावरण और दीप प्रज्ज्वलन किया गया। श्रद्धालुओं ने मुनिश्री के पाद प्रक्षालन कर शास्त्र भेंट किए। इस दौरान मुनिश्री ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु का उपकार जीवन में कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने आचार्य विद्यासागर महाराज के जीवन से जुड़े प्रसंग सुनाते हुए बताया कि उनका पूरा जीवन समाज कल्याण के लिए समर्पित रहा।
शाम को जिज्ञासा समाधान और महाआरती रविवार के कार्यक्रमों का सिलसिला शाम तक जारी रहेगा। शाम 6:15 बजे 'लॉजिकल जिज्ञासा समाधान' सत्र होगा, जिसमें श्रद्धालु अपनी धार्मिक शंकाओं का तर्कपूर्ण समाधान पा सकेंगे। इसके बाद शाम 7:15 बजे जैन मित्र मंडल एवं श्री दिगम्बर जैन अग्रवाल महिला मंडल के सहयोग से महाआरती और भक्ति संध्या का आयोजन किया जाएगा। दिगम्बर जैन अग्रवाल पंचायती मंदिर के मंत्री कैलाश चंद जैन ने बताया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होकर धर्म लाभ ले रहे हैं।
इससे एक दिन पहले, शनिवार को शालीमार आवासीय सोसायटी स्थित श्री दिगम्बर जैन वासुपूज्य भगवान मंदिर में मुनि सौम्य सागर महाराज के सानिध्य में आचार्य विद्यासागर महाराज का दीक्षा दिवस मनाया गया था।
