जयपुर के राजनीतिक गलियारों में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयानों पर सियासी पारा चढ़ गया है। नगर निकाय चुनावों के परिणामों के बाद गहलोत की ओर से उठाए गए सवालों पर भजनलाल सरकार के मंत्रियों और नेताओं ने तीखा मोर्चा खोला है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर समेत कई प्रमुख नेताओं ने गहलोत के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जनादेश को स्वीकार करने के बजाय कांग्रेस नेता अपनी हार की झेंझक छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।
निकाय परिणामों से बौखलाई कांग्रेस: मदन दिलावर
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि हालिया नगर निकाय चुनावों में भाजपा को मिले स्पष्ट बहुमत से कांग्रेस नेताओं की हताशा साफ झलक रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव में अपनी पराजय पर आत्ममंथन करने के बजाय सीधे जनादेश पर ही सवाल खड़े करना जनता के विवेक का अपमान है।
मदन दिलावर ने कहा- "भाजपा सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण के लिए पारदर्शी तरीके से काम कर रही है। योजनाओं का लाभ पंक्ति के आखिरी व्यक्ति तक पहुँच रहा है, यही वजह है कि जनता ने भाजपा के पक्ष में मुहर लगाई है।"
आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जनता वहां भी विकास के एजेंडे पर ही अपना फैसला सुनाएगी।
'एक राज्य, एक चुनाव' की परिकल्पना
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने अशोक गहलोत के बयानों को पूरी तरह निराशाजनक करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने पिछले कार्यकाल में कांग्रेस ने पंचायती राज व्यवस्था को कमजोर किया था, जहां एक-एक पंचायत समिति में चुनाव साल भर खिंचते थे और विकास कार्य ठप पड़ जाते थे।
जवाहर सिंह बेढम ने कहा- "मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में हमारी सरकार 'एक राज्य, एक चुनाव' के विजन को धरातल पर उतार रही है। हार के बाद हमेशा ईवीएम और संवैधानिक संस्थाओं पर ठीकरा फोड़ने वाली कांग्रेस की प्रासंगिकता अब जनता के बीच पूरी तरह खत्म हो चुकी है।"
फोन टैपिंग और खरीद-फरोख्त के आरोप
ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पूर्व सीएम को दूसरों पर अंगुली उठाने से पहले अपने कार्यकाल के काले पन्ने पलटने चाहिए। उनके मुताबिक, कांग्रेस राज में पंचायत चुनाव टुकड़ों में कराए गए और सत्ता बचाने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त कर बोर्ड बनाए गए।
हीरालाल नागर ने आगे कहा- "सत्ता में टिके रहने के लिए विधायकों और मंत्रियों की फोन टैपिंग करवाई गई थी। आज भजनलाल सरकार के नेतृत्व में बिजली-पानी और बुनियादी ढांचे पर ऐतिहासिक काम हो रहे हैं, जिससे कांग्रेस खेमे में भारी बेचैनी है।"
होटलों की कैद और गांधी परिवार का जिक्र
भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने भी गहलोत के बयानों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के नेता खुद महामारी के दौर में अपनी सरकार बचाने के लिए महीनों होटलों में कैद रहे, उन्हें दूसरों पर बयानबाजी शोभा नहीं देती।
रामलाल शर्मा ने कहा- "गांधी परिवार के दरबार में अब अशोक गहलोत की वह स्वीकार्यता नहीं बची है। राहुल गांधी को अपनी वफादारी दिखाने और सियासी वजूद बचाने के लिए ही अब ऐसे आधारहीन बयान दिए जा रहे हैं।"
