बुरहानपुर जिले के नंदगांव देवला के ग्रामीण आज भी पक्की सड़क की राह देख रहे हैं। बारिश में कच्चा रास्ता कीचड़ और दलदल में बदल जाता है। बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है, वहीं किसानों को फसल परिवहन और ग्रामीणों को इलाज के लिए आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से सड़क निर्माण की मांग की है, जिस पर प्रशासन ने कार्रवाई का भरोसा दिया है।
ग्राम पंचायत धामनगांव के नंदगांव देवला में पक्की सड़क नहीं होने से ग्रामीणों की परेशानी बरसात में और बढ़ जाती है। समाजसेवी सचिन गाढ़े का कहना है कि वर्षों से सड़क की मांग की जा रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीण गोपाल के मुताबिक खराब रास्ते के कारण खेती से जुड़ा काम भी प्रभावित होता है और फसल को गांव से बाहर ले जाना मुश्किल हो जाता है।सड़क की बदहाली का असर सबसे ज्यादा स्कूली बच्चों पर दिखाई देता है। छात्र राहुल के मुताबिक बारिश में रास्ते पर इतना कीचड़ हो जाता है कि स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है और फिसलने का डर बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि नंदगांव के स्कूल तक पक्की सड़क बनाई जा रही है, लेकिन नंदगांव देवला को इससे नहीं जोड़ा गया। यही वजह है कि ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सड़क को देवला तक बढ़ाने की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या केवल आवागमन तक सीमित नहीं है। खेत से फसल निकालने से लेकर बीमारी, दुर्घटना या प्रसव जैसी आपात स्थिति में मरीज को अस्पताल पहुंचाने तक मुश्किल खड़ी हो जाती है। ग्रामीणों की मांग पर डिप्टी कलेक्टर भागीरथ वाखला ने मामला संज्ञान में आने की बात कहते हुए संबंधित एजेंसी को अवगत कराकर सड़क निर्माण करवाने का भरोसा दिया है।अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन का आश्वासन जल्द जमीन पर दिखाई देगा और आजादी के 79 साल बाद नंदगांव देवला को पक्की सड़क की सौगात मिलेगी।
आजादी के 79 साल बाद भी सड़क को तरस रहा नंदगांव देवला
मध्य प्रदेश
