मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को बांसवाड़ा में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करते हुए आगामी पंचायत चुनावों को लेकर हुंकार भरी। उन्होंने निकाय चुनावों में मिली ऐतिहासिक सफलता की तर्ज पर अब ग्रामीण इलाकों में पूरी ताकत झोंकने का आह्वान किया।
स्थानीय सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को शहरी निकाय चुनावों के नतीजों से जोश हासिल कर अब गांवों की तरफ रुख करना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि पंचायत चुनावों के माध्यम से ग्रामीण राजस्थान में विकास और सुशासन के पहिए को और तेज गति देनी है।
निकाय चुनावों में शानदार सफलता
बैठक में मुख्यमंत्री ने हालिया चुनावी नतीजों का जिक्र करते हुए बताया कि प्रदेश के 204 निकायों में बोर्ड बनाकर भाजपा ने बड़ा मुकाम हासिल किया है। राज्य के 10 बड़े नगर निगमों में से 9 जगह पार्टी के महापौर काबिज हुए हैं। वहीं, बांसवाड़ा के तीन में से दो निकायों और डूंगरपुर के दोनों निकायों में भी पार्टी का बोर्ड बना है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि भाजपा सिर्फ चुनाव के वक्त सक्रिय रहने वाला दल नहीं है, बल्कि यह हर मौसम में जनता के सुख-दुख में खड़ा रहने वाला संगठन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की नीतियों का असर है कि आज基层 स्तर पर पार्टी को अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है।
ग्राम विकास संकल्प पत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था
ग्राम विकास संकल्प पत्र-2026 की रूपरेखा रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में हर ग्राम पंचायत में औसतन 5 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके तहत 19 हजार किलोमीटर लंबी मिसिंग-लिंक सड़कों के निर्माण पर 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के साथ ही युवाओं के लिए अटल ज्ञान केंद्र, किसानों के लिए ग्राम सेवा सहकारी समिति, इंटरनेट कनेक्टिविटी और पक्के आवासों के पट्टे देने का लक्ष्य तय किया गया है। संकल्प पत्र में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाकर 12 हजार रुपये सालाना करने और गेहूं का समर्थन मूल्य 2,700 रुपये प्रति क्विंटल तय करने का प्रावधान भी है।
बांसवाड़ा और डूंगरपुर में विकास कार्यों की रफ्तार
अपने संबोधन में सीएम ने पिछले पौने तीन वर्षों के दौरान दक्षिणी राजस्थान के विकास का लेखा-जोखा भी रखा। उन्होंने बताया कि बांसवाड़ा जिले में 4 हजार 272 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रगति पर हैं।
पेयजल संकट से निपटने के लिए बांसवाड़ा समेत 11 शहरों में 275 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। गढ़ी में पेयजल व्यवस्था के लिए 19.84 करोड़ रुपये के कार्यों की टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके अलावा अजमेर-बांसवाड़ा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की डीपीआर तैयार की जा रही है, जबकि बिलोदा में माही नदी पर 60 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पुल के लिए भी निविदाएं आमंत्रित कर दी गई हैं। वहीं, डूंगरपुर जिले में भी 4 हजार 46 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को अमलीजामा पहनाया जा रहा है।
जनजातीय विकास को प्राथमिकता
राज्य सरकार की आदिवासी कल्याण योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एसटी बहुल 8 जिलों के 47 ब्लॉकों में जॉब कार्ड धारकों को 50 दिन का अतिरिक्त रोजगार दिया जा रहा है। पीएम-जनमन योजना के तहत बारां जिले में 15 हजार 085 आवास पूरे हो चुके हैं और 23 हजार से अधिक परिवारों को स्वीकृति दी गई है।
इस दौरान बैठक में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी और राजस्व मंत्री हेमंत मीणा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
