रविवार का दिन होने के बावजूद आज देश भर में सरकारी बैंक खुले हुए हैं। बैंक यूनियनों की आगामी तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि ग्राहकों को जरूरी वित्तीय कार्यों में परेशानी न हो। कल यानी सोमवार से शुरू हो रही इस हड़ताल के चलते बुधवार तक बैंक शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप रहेगा।
सप्ताह में दो दिन के अवकाश की मांग को लेकर बुलाई गई इस हड़ताल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के करीब 90 प्रतिशत कर्मचारी शामिल हो रहे हैं। ऐसे में वित्तीय सेवा विभाग, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और बैंक प्रबंधन की ओर से हड़ताल टालने की तमाम अपीलें यूनियनों ने ठुकरा दी हैं।
10 साल बाद रविवार को खुले बैंक
रविवार के दिन सामान्य तौर पर बैंक बंद रहते हैं, लेकिन ऐसा मौका पूरे 10 साल बाद आया है जब छुट्टी के दिन बैंक खोले गए हैं। इससे पहले साल 2016 में नोटबंदी के तुरंत बाद 14 नवंबर को रविवार के दिन बैंक शाखाएं खोली गई थीं।
उस दौरान पुराने 500 और 1000 रुपए के नोट बदलने, खातों में रकम जमा करने और नकदी निकासी के लिए लंबी कतारें लगी थीं। आम जनता की भारी भीड़ और नकदी संकट को संभालने के लिए सरकार ने तब भी रविवार के दिन बैंक चालू रखने का आदेश दिया था।
ATM से कैश निकालने पर नहीं लगेगा कोई चार्ज
तीन दिन तक बैंक बंद रहने के दौरान आम जनता को नकदी की किल्लत से बचाने के लिए वित्तीय संस्थानों ने राहत का कदम उठाया है। हड़ताल के दिनों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) समेत सभी सरकारी बैंकों के एटीएम से तय फ्री लिमिट के बाद भी कैश निकालने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूला जाएगा।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मौजूदा नियमों के मुताबिक, ग्राहक अपने बैंक के एटीएम से हर महीने 5 बार मुफ्त ट्रांजेक्शन कर सकते हैं। इसके अलावा, अन्य बैंकों के एटीएम से दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में महीने में 3 बार तथा छोटे शहरों में 5 बार मुफ्त लेन-देन की अनुमति है।
इस तय सीमा से अधिक बार नकदी निकालने पर आमतौर पर हर ट्रांजेक्शन पर 23 रुपए और उस पर जीएसटी चार्ज काटा जाता है। इसके अतिरिक्त, एटीएम के आपसी नेटवर्क इस्तेमाल पर बैंक भी एक-दूसरे को शुल्क देते हैं, जिसमें कैश निकालने पर 19 रुपए और बैलेंस चेक करने पर 7 रुपए का इंटरचेंज शुल्क शामिल होता है, लेकिन हड़ताल की अवधि में ग्राहकों को इन शुल्कों से छूट दी गई है।
हड़ताल पर अड़ीं 7 बड़ी यूनियनें
5-डे वर्किंग यानी हफ्ते में पांच दिन काम और दो दिन की छुट्टी की मांग को लेकर बैंक कर्मचारी संगठन पूरी तरह मुखर हैं। यूनियनों का साफ कहना है कि जब तक सरकार इस मांग को लागू करने के लिए कोई पक्की और तय तारीख घोषित नहीं करती, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन और हड़ताल का सिलसिला जारी रहेगा।
इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में देश की 7 प्रमुख बैंक यूनियनें हिस्सा ले रही हैं। इनमें ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC), नेशनल फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज (NCBE), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA), बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI), इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन (INBEF) और इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (INBOC) शामिल हैं।
