भजनलाल सरकार के खिलाफ! हजारों पंचायतीराज कर्मचारी करेंगे जयपुर कूच
राजस्थान की भजनलाल सरकार के सामने पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारियों का आंदोलन अब बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक संकट का रूप लेता नजर आ रहा है। अपनी वर्षों पुरानी लंबित मांगों को लेकर कर्मचारियों ने चरणबद्ध तरीके से जयपुर कूच का ऐलान कर दिया है, जिसके चलते अगले तीन दिनों में प्रदेशभर से हजारों कर्मचारी राजधानी में जुटेंगे। संगठन के मुताबिक 23 जून को सभी जिलाध्यक्ष, जिला महामंत्री और जिला कोषाध्यक्ष अपनी टीमों के साथ जयपुर पहुंचने की संभावना है... जबकि 24 जून को प्रदेश और जिला स्तरीय पदाधिकारी मंत्रियों व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को मांग पत्र सौंपेंगे। इसी दिन शाम से ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी और कार्यकारिणी सदस्य भी जयपुर के लिए रवाना होंगे। 25 जून को बड़ी संख्या में कर्मचारी सचिवालय और विभिन्न विभागों में पहुंचकर व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन देकर सरकार पर दबाव बनाएंगे। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में उत्तराखंड पैटर्न पर मंत्रालयिक कैडर का पुनर्गठन, स्वतंत्र कार्य विभाजन नीति, कैडर रिव्यू, अंतर-जिला स्थानांतरण नीति, ग्राम पंचायत स्तर पर कनिष्ठ लिपिकों के पदनाम में बदलाव तथा हार्ड ड्यूटी और अतिरिक्त पंचायत भत्ते की स्वीकृति शामिल है। संगठन का कहना है कि लंबे समय से केवल आश्वासन मिल रहे हैं, जबकि उनकी समस्याओं का कोई स्थायी समाधान अभी तक नहीं हो पाया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जयपुर कूच और मांग पत्र सौंपने के बाद भी सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इसके तहत 6 जुलाई को प्रदेशभर से आए हजारों कर्मचारी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे, जबकि 7 जुलाई को जयपुर के ऐतिहासिक जलमहल के सामने ‘जल समाधि’ का कार्यक्रम आयोजित कर सरकार के खिलाफ विरोध किया जायेगा। संगठन का दावा है कि यह पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारियों के इतिहास का सबसे बड़ा आंदोलन हो सकता है।

