राजस्थान के भरतपुर जिले के वैर क्षेत्र में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या और कानून-व्यवस्था में लापरवाही को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सख्त कदम उठाए हैं। पुलिस मुख्यालय ने कार्रवाई करते हुए वैर थानाधिकारी (SHO) धीरेंद्र सिंह को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि भरतपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) प्रेरणा शेखावत को पदस्थापन की प्रतीक्षा (APO) में रखा गया है।
मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद यह प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पांच आरोपी गिरफ्तार, गांव में पसरा सन्नाटा
अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड के बाद वैर इलाके में पुलिस ने दबिश देकर आरोपियों की धरपकड़ तेज कर दी है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अब तक चार नामजद आरोपियों को दबोचा गया है, जिनकी पहचान भागमल गुर्जर, सोनी गुर्जर, शेर सिंह गुर्जर और कुंवर सिंह गुर्जर के रूप में हुई है। इनमें से तीन आरोपी भौंड़ा गांव और एक आरोपी नावर गांव का रहने वाला है।
इसके अलावा, बलवीर नाम के एक अन्य शख्स को भी गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से भौंड़ा गांव में दहशत का माहौल है। कई परिवारों ने घरों में ताले लगा दिए हैं और वे गांव छोड़कर चले गए हैं। पुलिस हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। मृतक अतर सिंह भड़ाना की पत्नी की शिकायत पर वैर थाने में 30 नामजद और 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय बैठक और पुलिस पर गाज
मंगलवार को जयपुर में कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि अपराधियों में कानून का खौफ होना चाहिए और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस बैठक के तुरंत बाद पुलिस मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाते हुए वैर SHO समेत प्रदेशभर के कई अधिकारियों पर कार्रवाई की। इस प्रशासनिक फेरबदल में कुल 1 अधिकारी को सस्पेंड किया गया, 6 को एपीओ किया गया और 2 अन्य अधिकारियों को उनके पदों से हटाया गया।
भूमि विवादों की रिपोर्ट और सुरक्षा के कड़े निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्यभर में सक्रिय माफियाओं पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलों से खनन और भूमि विवादों की सूची तलब की है ताकि उनका तुरंत निस्तारण किया जा सके।
त्योहारी सीजन को देखते हुए पूरे प्रदेश में यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था मजबूत करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स' को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था में कोताही बरतने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
