जयपुर के सेंट्रल पार्क में मॉर्निंग वॉक के दौरान मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे के एक बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के संदर्भ में की गई टिप्पणी को मर्यादा के खिलाफ बताया है।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि राजनीतिक जीवन में इस तरह की भाषा और अमर्यादित बयानों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। दिवंगत माता-पिता को लेकर इस तरह की टिप्पणियां करना पूरी तरह अनुचित है। इस प्रकार की बयानबाजी से राजनीतिक शुचिता प्रभावित होती है और इसका सीधा नुकसान संबंधित दल की साख पर पड़ता है।
हार के लिए बहानेबाजी छोड़ें कांग्रेस नेतृत्व
चुनावी असफलताओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पराजय के बाद आत्ममंथन करने के बजाय कांग्रेस अक्सर अनर्गल बातें करती है। पार्टी को अपनी कमियों की समीक्षा करनी चाहिए, क्योंकि संगठन की कमजोरियों को कोई दूसरा दल आकर नहीं सुधार सकता। केवल आरोप लगाने से जनादेश नहीं बदला जा सकता।
चुनाव परिणाम के बाद विपक्ष की प्रतिक्रियाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हार के बाद कभी ईवीएम को दोषी ठहराया जाता है तो कभी अन्य मुद्दों को लेकर सवाल उठाए जाते हैं। जनता अब तुष्टीकरण और अफवाहों की राजनीति को भली-भांति समझती है और विकास को प्राथमिकता देती है।
'वन स्टेट, वन इलेक्शन' और आगामी चुनाव
राज्य सरकार के फैसलों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकार ने 'वन स्टेट, वन इलेक्शन' का निर्णय लिया था, तब कांग्रेस नेताओं ने इसका विरोध किया था। हालांकि, सरकार के इस संकल्प को धरातल पर उतार लिया गया है। प्रदेश में निकाय चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं और अब पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों के दम पर भाजपा आगामी पंचायती राज चुनावों में भारी बहुमत हासिल करेगी। पार्टी का कैडर लगातार जनता के बीच रहकर सेवा कार्य कर रहा है और जनता का यही निरंतर जुड़ाव भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है।
