मध्य प्रदेश सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने की कवायद के तहत मुंबई में एक रोड शो का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के दौरान राज्य को लगभग 90 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस आयोजन में हिस्सा लिया और देश के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ बैठकें कीं।
मुंबई में उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा
रोड शो के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई के कई प्रमुख उद्योगपतियों के साथ व्यक्तिगत (1-2-1) चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कारोबारियों को मध्य प्रदेश में उद्योग स्थापित करने का औपचारिक न्योता दिया।
चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने निवेशकों को राज्य में उपलब्ध औद्योगिक संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के पास पर्याप्त लैंड बैंक के साथ-साथ देश में सबसे सस्ती बिजली की उपलब्धता है, जो विनिर्माण और औद्योगिक इकाइयों के लिए बेहद अनुकूल है।
निवेश अनुकूल नीतियां और मजबूत पहचान
मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार की नीतियों की वजह से देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों के बीच मध्य प्रदेश ने अपनी एक खास पहचान बनाई है।
"प्रदेश में 25 से अधिक निवेश अनुकूल नीतियों के माध्यम से निवेशकों को सुविधाजनक और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। यही वजह है कि निवेशकों ने मध्य प्रदेश में निवेश के प्रति काफी उत्साह और भरोसा दिखाया है।"
सरकार के मुताबिक, राज्य में लागू की गई इन नीतियों का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक प्रक्रियाओं को आसान बनाना और निवेशकों को बिना किसी प्रशासनिक अड़चन के जमीन व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मुंबई में हुई इन बैठकों में कई बड़े औद्योगिक समूहों ने राज्य में निवेश को लेकर गहरी दिलचस्पी दिखाई है।
