डेटा सुरक्षा पर सरकार का बड़ा फैसला अब भारत से बाहर नहीं जाएगा डेटा
भारत में टेलीकॉम सेक्टर और डिजिटल सुरक्षा को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा जारी नए नियमों के तहत अब टेलीकॉम कंपनियों को भारतीय यूजर्स का फोन, इंटरनेट, कॉलिंग और अन्य डिजिटल गतिविधियों से जुड़ा पूरा डेटा देश के भीतर ही स्टोर करना पड़ेगा यानी अब किसी भी कंपनी को भारतीय ग्राहकों का डेटा विदेश भेजने या किसी विदेशी संस्था के साथ साझा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी सरकार के मुताबिक इस फैसले से करोड़ों यूजर्स की प्राइवेसी और साइबर सुरक्षा पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी। ऐसे समय में जब डेटा चोरी और साइबर हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, यह कदम आम लोगों की निजी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है.. सरकार ने टेलीकॉम सेक्टर में दशकों पुराने लाइसेंस सिस्टम को भी खत्म कर नया डिजिटल ऑथराइजेशन सिस्टम लागू किया है। अब कंपनियां एक ही ऑनलाइन पोर्टल के जरिए विभिन्न सेवाओं के लिए आवेदन कर सकेंगी, जिससे मंजूरी प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनने की संभावना है इससे नई कंपनियों के लिए बाजार में प्रवेश आसान होगा और प्रतिस्पर्धा बढ़ने से ग्राहकों को बेहतर व सस्ती सेवाएं मिलने की संभावना है। वहीं सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं देने वाली कंपनियों के लिए भी कड़े सुरक्षा नियम तय किए गए हैं और उन्हें भारत में ही अपना मुख्य गेटवे स्थापित करना होगा। सरकार का कहना है कि इन सुधारों से 5G, ब्रॉडबैंड और सैटेलाइट इंटरनेट जैसी नई तकनीकों का विस्तार तेज हो पायेगा देश की डिजिटल सुरक्षा मजबूत होगी और साइबर अपराधों पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाने में मदद मिल पाएगी।

