वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के राजकुमार माने जाने वाले बुध ने अपनी चाल बदल ली है। बुध ग्रह 7 सितंबर को अपनी उच्च राशि कन्या में प्रवेश कर चुके हैं। व्यापार, वाणी और बुद्धि के कारक माने जाने वाले बुध के इस राशि परिवर्तन से कई जातकों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। ज्योतिषविदों के मुताबिक, यह गोचर कारोबारियों, व्यापारियों के साथ-साथ गणितज्ञों और कला जगत से जुड़े लोगों के लिए बेहद अनुकूल साबित हो सकता है।
व्यापारियों और कारोबारियों के लिए विशेष समय
ज्योतिष शास्त्र में बुध को मिथुन और कन्या राशि का स्वामी माना गया है। सूर्य, शनि और शुक्र के साथ इनकी मित्रता है, जबकि चंद्रमा के साथ इनका संबंध शत्रुवत रहता है। ज्योतिशाचार्यों के मुताबिक, बुध वाणी, त्वचा, लेखन और व्यापार का सीधा प्रतिनिधित्व करते हैं।
कुंडली में बुध की स्थिति मजबूत होने पर जातक के सफल व्यवसायी बनने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसके अलावा, इस ग्रह का सकारात्मक प्रभाव जातकों को गणित के क्षेत्र में सफलता दिलाता है और गायन-वादन जैसी कलाओं में भी उनकी रुचि बढ़ाता है। कन्या राशि में बुध के उच्च होने से इन क्षेत्रों से जुड़े लोगों को विशेष रूप से अनुकूल परिणाम मिल सकते हैं।
बुध देव को प्रसन्न करने के उपाय
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि व्यापार में सफलता हासिल करने या कला और गणित के क्षेत्र में मुकाम बनाने के लिए बुध देव की आराधना बेहद फलदायी मानी जाती है। बुध देव को प्रसन्न करने के लिए भगवान गणेश की पूजा को सर्वश्रेष्ठ माना गया है।
कन्या राशि में गोचर के दौरान अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए सुबह स्नान के बाद विधिविधान से गणेश जी की पूजा करनी चाहिए और उन्हें दूर्वा अर्पित करनी चाहिए। व्यापारियों और विद्यार्थियों के लिए गणेश आराधना विशेष रूप से लाभकारी बताई गई है।
मंत्र जाप से मिलेंगे चमत्कारिक परिणाम
गणेश जी का अत्यंत सरल मंत्र 'ओम गं ओम' इस गोचर के दौरान साधना के लिए बहुत प्रभावी माना गया है। जानकारों के अनुसार, रोज विश्वास के साथ इस मंत्र का कम से कम एक माला जाप करने से सकारात्मक परिणाम मिलने शुरू हो जाते हैं। नियमित रूप से इस नियम का पालन करने वाले जातकों को जल्द ही अपने कार्यों में सुधार और सफलता नजर आने लगती है।
