छिंदवाड़ा में गणेशोत्सव की धूम के बीच वाल्मीकि समाज ने अपने 30वें स्थापना वर्ष पर एक खास रिकॉर्ड बनाया है। इस बार आयोजन के तीन दशक पूरे होने पर 22 फीट ऊंची भगवान श्री गणेश की विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है। शहर के ईएलसी चौक पर भव्य आतिशबाजी के साथ बप्पा की शोभायात्रा का स्वागत किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु और सामाजिक बंधु शामिल हुए।
22 फीट ऊंची प्रतिमा और भव्य स्वागत
शहर के ईएलसी चौक पर भगवान गणेश के आगमन पर विशेष उत्सव का माहौल रहा। विशाल प्रतिमा के प्रथम दर्शन के लिए छिंदवाड़ा वासियों की भारी भीड़ जुटी। शोभायात्रा के दौरान हुई आतिशबाजी ने उत्सव के उल्लास को और बढ़ा दिया। वाल्मीकि समाज के अध्यक्ष जगदीश गोदरे ने बताया कि पिछले 29 वर्षों से लगातार यह परंपरा निभाई जा रही है और इस 30वें वर्ष के आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप दिया गया है।
"गणेश जी का आगमन और स्वागत बड़े हर्षोल्लास के साथ किया गया है। शहरवासियों ने प्रथम दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।" — जगदीश गोदरे, अध्यक्ष, वाल्मीकि समाज
आयोजन समिति और सहभागिता
इस तीन दिवसीय और भव्य गणेशोत्सव के आयोजन में समाज के युवाओं और वरिष्ठ पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही है। आयोजन का संचालन वाल्मीकि समाज के अध्यक्ष जगदीश गोदरे के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान धनराज पवार, नवयुवक मंडल छिंदवाड़ा के अध्यक्ष यश महोलिया और कार्यवाहक अध्यक्ष साहिल पवार समेत पूरी समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में मातृशक्ति मौजूद रही।
