छिंदवाड़ा के खजरी चौक स्थित विद्युत वितरण कंपनी (MPSEB) कार्यालय के पास भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसानों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। किसानों की मुख्य मांग है कि कृषि मोटर पंपों के बिजली बिल हर महीने देने के बजाय पुरानी व्यवस्था की तरह छह महीने में एक बार जारी किए जाएं।
धरना प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं और ज्ञापन सौंपा। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि पहले कृषि पंपों के बिल अर्धवार्षिक रूप से आते थे, जिससे किसानों को भुगतान करने में सुविधा होती थी।
कृषि आय और मासिक बिल का संकट
किसानों का कहना है कि खेती से होने वाली कमाई साल में मुख्य रूप से दो बार ही आती है। ऐसे में हर महीने बिजली बिल का भुगतान करना उनके लिए आर्थिक रूप से कठिन हो रहा है।
मासिक बिल आने से किसानों पर लगातार भुगतान का दबाव बना रहता है, जबकि उनकी फसल की कटाई और बिक्री का चक्र छमाही आधार पर चलता है। इसी वजह से किसान पुरानी व्यवस्था को दोबारा लागू करने की मांग पर अड़े हैं।
आगे की चेतावनी
भारतीय किसान संघ का यह धरना शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। हालांकि, संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन और बिजली कंपनी ने इस मांग पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो किसानों को एकजुट कर एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
