रीवा में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के मामले में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के बंगले के बाहर पहुंचकर जमकर हंगामा करते हुए इस्तीफा की माग की है,विरोध कर रहे कार्यकर्ता स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में लगातार सामने आ रही खामियों और कल्पना मिश्रा मौत मामले में जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग कर रहे थे।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता बंगले के अंदर तक पहुंच गए। इससे मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभाला और कार्यकर्ताओं को पकड़-पकड़कर बंगले से बाहर निकाला। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस भी हुई।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि संजय गांधी अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं लगातार सवालों के घेरे में हैं। कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में परिजन लंबे समय से न्याय और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मामले में पहले ही कुछ डॉक्टरों और संबंधित नर्सों पर निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है, जबकि डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश भी दिए हैं।
वहीं, आंदोलनकारी सिर्फ जांच और निलंबन को पर्याप्त नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। शनिवार को कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा और पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना भी धरना स्थल पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दे चुके हैं।
लगातार बढ़ रहे विरोध के बीच रविवार को डिप्टी सीएम के बंगले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पहुंचने से मामला और गरमा गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए प्रदर्शनकारियों को बाहर किया।
