धार जिले के दसाई में सरदार पटेल सब्जी मंडी दसाई में आधारभूत सुविधाओं की बदहाली अब किसानों और व्यापारियों दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। करीब 25 वर्ष पहले निर्मित मंडी की 10 पक्की दुकानें आज पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी हैं। बारिश के मौसम में सभी दुकानों की छतों से पानी टपक रहा है, जिससे किसानों से खरीदी गई प्याज और लहसुन की उपज खराब हो रही है और व्यापारियों को लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।व्यापारियों के अनुसार इन दुकानों का निर्माण वर्ष 2001 में मंडी प्रशासन द्वारा कराया गया था। उस समय इन दुकानों का आवंटन अनाज मंडी के व्यापारियों को किया गया था, जहां वर्षों तक अनाज की खरीदी होती रही। बाद में अनाज मंडी का संचालन बंद होने के कारण करीब डेढ़ वर्ष पूर्व इन दुकानों का उपयोग सब्जी मंडी के व्यापारियों के लिए शुरू किया गया। लंबे समय से मरम्मत नहीं होने के कारण आज स्थिति यह है कि एक भी दुकान ऐसी नहीं बची है, जहां बिना रिसाव के सुरक्षित तरीके से व्यापार किया जा सके। बारिश के दौरान सभी दुकानों में पानी भरने और छत टपकने से व्यापारियों के साथ किसानों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।मंडी परिसर में करीब 30 लाइसेंसधारी व्यापारी पंजीकृत हैं, जबकि उनके लिए मात्र 10 दुकानें ही उपलब्ध हैं। ये दुकानें भी पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। इस मंडी में आसपास के अनेक गांवों के किसान अपनी कृषि उपज लेकर पहुंचते हैं। दुकानों की बदहाल स्थिति के कारण कई किसान अपनी उपज लेकर दुकानों के अंदर बैठने के बजाय बाहर बैठकर व्यापार करना अधिक सुरक्षित समझ रहे हैं।व्यापारियों ने बताया कि कुछ समय पहले व्यापारी अनिल भूत की दुकान की छत से मलबा गिर गया था, जिससे उन्हें हल्की चोट आई थी। इस घटना के बाद व्यापारियों में भय का माहौल है और कई व्यापारी जर्जर दुकानों के भीतर बैठकर व्यापार करने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।मंडी परिसर में किसानों और व्यापारियों की सुविधा के लिए बनाया गया टीन शेड भी पूरी तरह जर्जर हो चुका है। बारिश के दौरान शेड कई स्थानों से टपकता है, जिससे खुले में रखी कृषि उपज भी भीग जाती है। इससे प्याज और लहसुन की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ व्यापारियों को लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।व्यापारियों ने मंडी प्रशासन से जर्जर दुकानों की तत्काल मरम्मत कराने अथवा नए भवनों का निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान और व्यापारी मंडी पहुंचते हैं। ऐसे में भवनों की खराब स्थिति किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। व्यापारियों ने प्रशासन से शीघ्र निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि किसानों की उपज सुरक्षित रहे और व्यापारियों को भी सुरक्षित वातावरण में व्यापार करने की सुविधा मिल सके।व्यापारियों का कहना है कि यदि शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे मंडी प्रशासन के समक्ष सामूहिक रूप से अपनी समस्या रखेंगे। उनका कहना है कि जान जोखिम में डालकर व्यापार करना संभव नहीं है। उनकी मांग है कि जर्जर दुकानों की तत्काल मरम्मत या नए भवनों का निर्माण कराया जाए, ताकि किसानों और व्यापारियों दोनों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण मिल सके।
दसाई सरदार पटेल सब्जी मंडी में जर्जर दुकानों से किसान और व्यापारी परेशान
मध्य प्रदेश

