बालाघाट के बैहर और बिरसा विकासखंड के आदिवासी अंचलों में बच्चों के मलेरिया और मीजल्स की चपेट में आने का मामला लगातार चर्चा में है। आदिवासी बच्चों की मौतों को लेकर सामने आ रहे अलग-अलग आंकड़ों के बीच अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर चिंता जताई है। राहुल गांधी ने बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौतों को बेहद चिंताजनक और पीड़ादायक बताते हुए सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि घातक बीमारी के साथ पीने के पानी, पोषण और समय पर इलाज जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बच्चों की जान ले रहा है। राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री से मामले का समाधान करने, तत्काल जांच, इलाज और राहत उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, जिला अस्पताल में नए बेड़ो की व्यवस्था की गई है जिसकी संख्या अब 135 हो गई है। प्रशासन का दावा है कि अब अस्पताल में स्थिति नियंत्रण में है।
बैहर-बिरसा में मलेरिया-मीजल्स का कहर
राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बालाघाट के आदिवासी बच्चों की मौतों को लेकर सरकार को घेरा है। उन्होंने बच्चों की मौत को लेकर चिंता जताते हुए इसे सरकार की पूर्ण विफलता बताया और कहा कि बच्चों की जिंदगी से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। राहुल गांधी ने क्षेत्र में तत्काल जांच, इलाज और राहत पहुंचाने की अपील की है। वहीं, बैहर विधायक संजय उईके ने भी मलेरिया, कुपोषण और मीजल्स जैसे संक्रमणों को लेकर सरकार से गंभीर कार्रवाई की मांग की है।
आदिवासी अंचल में संक्रमण से बढ़ी चिंता, जिला अस्पताल में 135 बेड की व्यवस्था
इधर, बैहर और बिरसा के आदिवासी इलाकों में संक्रमण बढ़ने के बाद बड़ी संख्या में बच्चों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। मरीजों की संख्या बढ़ने के चलते अस्पताल में 135 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई। प्रभावित गांवों में लगातार हेल्थ स्क्रीनिंग भी की जा रही है। बच्चों की मौत के आंकड़ों को लेकर भी सरकारी और सामाजिक संगठनों के दावों में अंतर है। प्रशासन की ओर से अब तक 24 मृत बच्चों के परिजनों के खाते में 2-2 लाख रुपए की सहायता राशि डाली गई है, जबकि आदिवासी समाज और कांग्रेस का दावा है कि बिरसा विकासखंड के कोरका, बोनदारी, मछुरदा और कुंडेकसा सहित बैगा बहुल गांवों में 29 बच्चों की मौत हुई है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमों के जरिए लगातार जांच और उपचार कर रहा है। जिला कलेक्टर कुमार सत्यम का कहना है कि बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जा रहा है। अतिरिक्त मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा गया है और जल्द ही नया स्टाफ उपलब्ध होने की उम्मीद है।
