दिग्विजय सिंह ने विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार को घेरा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने NEET परीक्षा, राम मंदिर निर्माण और योग दिवस समेत कई मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार को घेरा। मीडिया से चर्चा में उन्होंने PM मोदी को NEET शांतिपूर्ण होने पर बधाई दी, वहीं राम मंदिर ट्रस्ट के सचिव चंपत राय पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए नीट शांतिपूर्ण हुआ, पर 2-4 दिन रुकें' NEET परीक्षा पर दिग्विजय सिंह ने कहा, "नीट का एग्जाम आज शांतिपूर्ण हो गया, मुझे इस बात की प्रसन्नता है। माननीय प्रधानमंत्री जी को बधाई क्योंकि शिक्षा मंत्री जी तो असफल रहे। वो कम से कम इस मामले में अभी तक तो शिकायत नहीं आई। लेकिन पिछले परीक्षा में भी कुछ दिनों बाद पता चला था कि पेपर लीक हुआ था। ये थोड़ा सा अभी दो-चार दिन रुक जाइए, उसके बाद देखें क्या होता है।" उन्होंने कहा कि "टेलीग्राम से लीक हुआ था, देखिए टेलीग्राम नहीं, दूसरे भी हो जाते हैं तरीके राम मंदिर चंदे का पता नहीं, चंपत राय ने भ्रष्टाचार किया'राम मंदिर निर्माण पर बड़ा हमला बोलते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, "हम बड़े दुखी हैं इस मामले में। हमारा चंदे से हमने राम मंदिर बनवाया। पहले तो राम मंदिर का चंदा इकट्ठा हुआ, उसका पता ही नहीं पड़ा कहाँ गया। अब भी मंदिर का पैसा आया तो ये चंपत राय जी ने जमीन खरीदने में भ्रष्टाचार किया।ड्राइवर टिनू यादव के पास आलीशान मकान-गाड़ियां चंपत राय के स्टाफ पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, "वहाँ टेम्परेरी अधिकारी-कर्मचारी बना लिए। एक तो उनका ड्राइवर है टिनू यादव। उसके पास आलीशान मकान है, मकान बना लिए, गाड़ियाँ ले ली और तनख्वाह पाता है बीस हजार रुपए। ये चंपत राय के खिलाफ इतने भ्रष्टाचार के आरोप हैं, उनको काहे को लिए बैठे हुए हैं? उन्हें तत्काल बर्खास्त करना चाहिए।" उन्होंने ट्रस्ट के डायरेक्टर अनिल को भी हटाने और गिरफ्तारी की मांग कीयोग मार्केटिंग है, सड़कों पर योग, नमाज नहीं सुनते योग दिवस पर तंज कसते हुए दिग्विजय सिंह बोले, "सड़कों पर योग हुआ है लेकिन नमाज नहीं सुनते। देखो बात ये है, योग सड़कों पे करने की आवश्यकता नहीं है। ये नरेंद्र मोदी जी मार्केटिंग के उस्ताद हैं, वो मार्केटिंग करते हैं। इवेंट मैनेजमेंट के उस्ताद हैं लोकतंत्र की हत्या हो रही है संजय राउत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, "संजय राउत बोल रहे हैं इस तरह से तोड़फोड़ हो रही है अलग-अलग जगहों पर, जैसे उद्धव ठाकरे की। ये घोर अपराध है। देखिए कौन बनता है हमें क्या मालूम, लेकिन इतना जरूर है कि लोकतंत्र की हत्या हो रही है।"

