पूर्व कैबिनेट मंत्री और बायतु विधायक हरीश चौधरी ने देश के समकालीन दौर में शिक्षा व्यवस्था और लगातार बढ़ती बेरोजगारी की गंभीर चुनौती पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आज के समय में देश के युवाओं के सामने सबसे बड़ा संकट उनके भविष्य, उचित शिक्षा और रोजगार के अवसरों को लेकर है, जिस पर तुरंत ध्यान देने और ठोस नीतियां बनाने की आवश्यकता है।विधायक हरीश चौधरी ने वर्तमान परिदृश्य पर बात करते हुए कहा कि देश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था को रोजगारोन्मुखी बनाने की सख्त जरूरत है। डिग्री हासिल करने के बाद भी युवाओं का भटकना इस बात का संकेत है कि शिक्षा और उद्योग जगत की व्यावहारिक जरूरतों के बीच एक बड़ी खाई है। जब तक हमारी शिक्षा प्रणाली युवाओं को कौशल से समृद्ध नहीं करेगी, तब तक बेरोजगारी की समस्या पर पूरी तरह लगाम लगाना नामुमकिन होगा।उन्होंने आगे बढ़ते हुए कहा कि बढ़ती बेरोजगारी केवल एक आर्थिक समस्या नहीं है, बल्कि यह देश के मानव संसाधन और युवाओं की ऊर्जा का भी नुकसान है। यदि समय रहते युवाओं के लिए पर्याप्त और पारदर्शी रोजगार के अवसर सृजित नहीं किए गए, तो यह असंतोष देश के भविष्य के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाएगा। उन्होंने सरकारों और नीति निर्माताओं से आग्रह किया है कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस ज्वलंत विषय पर एक दीर्घकालिक और व्यावहारिक रोडमैप तैयार करें।हरीश चौधरी ने विश्वास व्यक्त किया कि देश का युवा बेहद प्रतिभावान है, बस जरूरत इस बात की है कि उसे सही दिशा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें। युवाओं को सशक्त बनाकर ही एक मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है।
शिक्षा और बेरोजगारी पर हरीश चौधरी की चिंता
आपणो राजस्थान
