राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सरकारी शिक्षकों को लेकर बड़ा और सख्त बयान दिया है। टोंक में आयोजित खटीक समाज के जिला स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि जो सरकारी शिक्षक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के बजाय निजी स्कूलों में भेजते हैं, वे अपने दायित्व का सही तरीके से निर्वहन नहीं कर रहे हैं और उन्हें आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक स्वयं सरकारी स्कूलों पर भरोसा नहीं करेंगे तो आम लोगों का विश्वास आखिर कैसे बढ़ सकेंगे शिक्षा मंत्री ने साफ़ किया गया कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि अब केवल शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम दिखाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना जरूरी है। यदि 80 अंकों की परीक्षा में छात्र 40 अंक भी प्राप्त नहीं कर पाते हैं तो संबंधित शिक्षक से जवाब-तलब किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर निलंबन या तबादले जैसी कार्रवाई भी की जाएगी। मदन दिलावर ने यह भी कहा कि गुटखा खाने और शराब पीने वाले शिक्षकों की सूची तैयार की जा रही है, क्योंकि शिक्षक समाज के आदर्श होते हैं और उनका आचरण विद्यार्थियों के लिए हमेशा प्रेरणादायक होता है... बातचीत के दौरान मंत्री ने कहा की सरकार स्कूलों में अनुशासन, समयपालन और नशामुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है। साथ ही उन्होंने अभिभावकों से अधिक से अधिक बच्चों का प्रवेश सरकारी विद्यालयों में कराने की अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक तरीके से सुधार करने को कहा तथा बच्चों के भविष्य से किसी भी तरह की लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी।
गुटखा-शराब पीने वाले शिक्षकों पर होगी कार्रवाई, शिक्षा मंत्री ने दी चेतावनी
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