छिंदवाड़ा। जिला मुख्यालय के समीप ग्राम डागावानी पिपरिया में कथित अतिक्रमण को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आबादी भूमि एवं राजस्व नक्शे में दर्ज पुराने रास्ते पर गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा बाउंड्रीवॉल का निर्माण कर रास्ता बंद कर दिया गया है। शिकायत के बावजूद अब तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
आवाजाही में हो रही परेशानी
ग्राम निवासी कामता चन्द्रवंशी का आरोप है कि उनके घर से लगी आबादी की सरकारी जमीन, जो राजस्व नक्शे में रास्ते के रूप में दर्ज है, पर नन्हें चन्द्रवंशी द्वारा कथित रूप से अवैध बाउंड्रीवॉल का निर्माण किया गया है। रास्ता बंद होने के कारण उनके पालतू मवेशियों को चराने ले जाने सहित ग्रामीणों की आवाजाही में परेशानी हो रही है।
बारिश में मकान में पानी भरने की आशंका
पीड़ित कामता चन्द्रवंशी का कहना है कि बाउंड्रीवॉल के कारण उनके मकान से पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। उनका आरोप है कि बारिश के दौरान पानी उनके कच्चे मकान और मवेशियों को बांधने के स्थान में भर सकता है, जिससे मकान को नुकसान पहुंचने और उसके गिरने का खतरा बना हुआ है।
पीड़ित के अनुसार, इस संबंध में कई बार सीएम हेल्पलाइन 181 तथा कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
30 से अधिक ग्रामीणों ने किया समर्थन
मामले को लेकर गांव के 30 से अधिक ग्रामीणों ने भी प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित स्थल का राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर सीमांकन कराकर यदि अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे तत्काल हटाया जाए और पुराने रास्ते को बहाल किया जाए।
ग्रामीणों में अटलसिंग, पन्ना, मनोहर, प्रकाश कुडोपा, उदयराम, दिलीप और विनोद सहित अन्य लोगों ने आवेदन पर हस्ताक्षर कर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा जल्द मामले की जांच कर रास्ता बहाल नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बारिश के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना होने से पहले मौके का निरीक्षण कर समस्या का निराकरण किया जाए।
अब देखना यह है कि शिकायतों और ग्रामीणों की मांग के बाद राजस्व विभाग द्वारा मौके का सीमांकन एवं जांच कर क्या कार्रवाई की जाती है। अतिक्रमण के आरोपों की प्रशासनिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
