कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्यों के लिए पीएफ एडवांस से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इन नए नियमों की पूरी जानकारी साझा की है। इसके तहत शिक्षा, बीमारी, शादी और आवास जैसी जरूरतों के लिए एडवांस निकासी की प्रक्रिया को आसान बनाते हुए नई विड्रॉल लिमिट तय कर दी गई हैं।
कितनी मिलती है एडवांस निकालने की पात्रता?
ईपीएफओ के नए नियमों के मुताबिक, पीएफ अकाउंट से एडवांस निकालने के लिए सभी कैटेगरी के सदस्यों के नियम एक समान हैं। सदस्य की ईपीएफ मेंबरशिप को एक साल पूरा होने के बाद पीएफ खाते में जमा कर्मचारी और एंप्लॉयर के अंशदान के साथ-साथ उस पर मिले ब्याज समेत कुल ईपीएफ बैलेंस का 75 फीसदी तक एडवांस के रूप में निकाला जा सकता है।
बीमारी, पढ़ाई और शादी के लिए निकासी की सीमा
संगठन द्वारा जारी डिटेल के अनुसार, पहली कैटेगरी में बीमारी के इलाज के लिए कोई सीमा तय नहीं की गई है। सदस्य अपने या अपने परिजनों के इलाज के लिए जितनी बार चाहें, उतनी बार पीएफ से पैसे निकाल सकते हैं।
पढ़ाई की जरूरतों के लिए सदस्य अपनी पूरी सदस्यता अवधि के दौरान अधिकतम 10 बार पीएफ विड्रॉल कर सकते हैं। वहीं, खुद की या परिवार में किसी की शादी के खर्चों के लिए अधिकतम 5 बार ही एडवांस निकासी की अनुमति दी गई है।
मकान खरीदने और विशेष परिस्थितियों के नियम
दूसरी कैटेगरी के तहत आवास से जुड़ी जरूरतों के लिए नियम तय किए गए हैं। इसके अंतर्गत मकान या फ्लैट खरीदने, मकान का निर्माण करवाने, होम लोन चुकाने या घर का रेनोवेशन करवाने के लिए कर्मचारी अपने खाते से ज्यादा से ज्यादा 5 बार ईपीएफ एडवांस निकाल सकते हैं।
इसके अलावा तीसरी कैटेगरी में केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) द्वारा अधिसूचित की गई विशेष परिस्थितियों के लिए प्रावधान किए गए हैं। इन विशेष हालातों में एक वित्त वर्ष के दौरान कर्मचारी अधिकतम दो बार पीएफ से पैसे निकाल सकेंगे।
