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बुरहानपुर में मौसम की मार !

मध्य प्रदेश
बुरहानपुर में मौसम की मार !

बुरहानपुर जिले में लगातार आ रही प्राकृतिक आपदाओं ने किसानों की कमर तोड़ दी है। आंधी, तूफान और खराब मौसम के चलते जिले में करोड़ों रुपए की केला फसल बर्बाद हो चुकी है। हालात इतने खराब हैं कि किसान अब अपने बच्चों की पढ़ाई और खेतों की देखभाल के लिए भी आर्थिक मदद मांगने को मजबूर हैं। इसी मांग को लेकर मराठा सेवा संघ कृषि के बैनर तले किसानों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।बुरहानपुर जिले में पिछले एक माह से लगातार मौसम की मार पड़ रही है। तेज आंधी, तूफान और बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। जिले की प्रमुख नकदी फसल केला सबसे अधिक प्रभावित हुई है। किसानों के अनुसार जिले में करीब 300 करोड़ रुपए की केला फसल बर्बाद हो चुकी है,फसलों के नुकसान से किसान गहरे आर्थिक संकट में आ गए हैं। कई किसानों के सामने अब खेतों से गिरी और खराब हो चुकी फसल को हटाने तक के लिए पैसे नहीं बचे हैं। वहीं बच्चों की पढ़ाई, खेती की लागत और घरेलू खर्चों की चिंता भी बढ़ती जा रही है।
किसानों का आरोप है कि उन्हें न तो फसल बीमा योजना का लाभ मिल रहा है और न ही नुकसान के अनुपात में पर्याप्त मुआवजा। उनका कहना है कि जो राहत राशि मिलती है, वह नुकसान की तुलना में ऊंट के मुंह में जीरा साबित होती है,इन्हीं समस्याओं को लेकर शाहपुर क्षेत्र के किसान मराठा सेवा संघ कृषि के बैनर तले एकत्रित हुए और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने मांग की कि प्रभावित किसानों को विशेष राहत पैकेज दिया जाए, फसल बीमा का लाभ सुनिश्चित किया जाए और खेती के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा के लिए भी आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं ने उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह से बिगाड़ दी है। यदि जल्द राहत नहीं मिली तो आने वाले समय में खेती करना और परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो जाएगा।लगातार प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे बुरहानपुर के किसान अब सरकार से बड़ी राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। देखना होगा कि किसानों की इन मांगों पर प्रशासन और सरकार क्या कदम उठाती है।

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