दूषित पानी के सहारे जिंदगी सिस्टम बेखबर
मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के करकेली जनपद पंचायत के अंतर्गत जंगेला गांव से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है जहां आज भी ग्रामीण साफ पानी के लिए जूझ रहे हैं। सरकारी योजनाएं कागजों तक सीमित नजर आ रही हैं, जबकि हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।जंगेला गांव की तस्वीरें सिस्टम की पोल खोल रही हैं… एक ओर सरकार हर घर नल-जल योजना का दावा करती है, तो दूसरी ओर इस गांव के लोग आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।भीषण गर्मी और ऐसे में ग्रामीणों को करीब डेढ़ किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है।गांव की महिलाएं रोज इस कठिन सफर को तय करने को मजबूर हैं हैरानी की बात ये है कि ग्रामीण झिरिया में जमा गंदा और दूषित बदबूदार पानी पीकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं जो सीधे तौर पर उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ है।जब इस मुद्दे पर उमरिया जिला पंचायत के सीईओ अभय सिंह ओहरिया से सवाल किया गया, तो उन्होंने पानी की समस्या से इनकार करते हुए कहा कि गांव में कुआं मौजूद है और वहीं से पानी लिया जा रहा है।लेकिन बड़ा सवाल ये है अगर गांव में पानी की पर्याप्त व्यवस्था है तो आखिर क्यों ग्रामीण गंदा और दूषित बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं







