ग्वालियर जनसुनवाई में खाली मटके लेकर पहुंचे पूर्व पार्षद बृजेश गुप्ता, जल संकट को लेकर निगम पर फूटा गुस्सा
वार्ड 27 में पानी की समस्या को लेकर समर्थकों संग किया प्रदर्शन, अमृत योजना के 840 करोड़ रुपये के खर्च पर भी उठाए सवाल
मुख्य बिंदु
- पूर्व पार्षद बृजेश गुप्ता खाली मटके और बर्तन लेकर जनसुनवाई में पहुंचे
- वार्ड 27 में कई दिनों से पानी सप्लाई बाधित होने का लगाया आरोप
- अमृत योजना के तहत खर्च 840 करोड़ रुपये के उपयोग पर निगम से मांगा जवाब
विस्तृत खबर
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में नगर निगम की जनसुनवाई उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब वार्ड क्रमांक 27 के पूर्व पार्षद बृजेश गुप्ता अपने समर्थकों के साथ खाली मटके और पानी के बर्तन लेकर पहुंच गए। जनसुनवाई के दौरान उन्होंने इलाके में गहराते जल संकट को लेकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।
बृजेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड में पिछले कई दिनों से नियमित पानी सप्लाई नहीं हो रही है। इसके कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई परिवारों को रोजमर्रा के कामों के लिए घंटों पानी का इंतजार करना पड़ता है, जबकि नगर निगम लगातार बेहतर जल आपूर्ति के दावे कर रहा है।
पूर्व पार्षद ने अमृत योजना के तहत खर्च किए गए करीब 840 करोड़ रुपये पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब जनता को पर्याप्त पानी ही नहीं मिल पा रहा, तो इतनी बड़ी राशि आखिर कहां और किस काम में खर्च हुई। उन्होंने निगम प्रशासन से योजना के कार्यों और गुणवत्ता को लेकर जवाब मांगा।
प्रदर्शन के दौरान समर्थकों ने खाली मटके दिखाकर निगम के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। जनसुनवाई में मौजूद अधिकारियों ने बृजेश गुप्ता को भरोसा दिलाया कि क्षेत्र में पेयजल समस्या के समाधान के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे और अगले दो दिनों के भीतर स्थिति सुधारने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर वार्ड क्रमांक 55 के रहवासियों ने भी जनसुनवाई में आवेदन देकर अपनी समस्या रखी। स्थानीय लोगों ने बताया कि उनके इलाके में एक नाला लंबे समय से खुला पड़ा है, जिससे लगातार हादसों का खतरा बना हुआ है। लोगों का कहना है कि कई राहगीर नाले में गिरकर घायल भी हो चुके हैं। रहवासियों ने नाले को ढंकने और सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की।
जनसुनवाई में पानी, सीवर और अतिक्रमण से जुड़ी कई अन्य शिकायतें भी सामने आईं। अधिकारियों ने सभी मामलों में जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि निगम प्रशासन इन समस्याओं का समाधान कितनी जल्दी कर पाता है।




