हनुमानगढ़ जंक्शन थाना पुलिस ने शुक्रवार रात एक सनसनीखेज फर्जी फायरिंग मामले का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी पति ने अपनी पत्नी के साथ चल रहे विवाद के चलते ससुराल पक्ष पर कानूनी और सामाजिक दबाव बनाने के लिए खुद पर फायरिंग की झूठी साजिश रची थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक अवैध देशी कट्टा, एक कारतूस, बुलेट हेड, कारतूस का खोल और वारदात में इस्तेमाल बोलेरो गाड़ी बरामद की है।
जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के मुताबिक, शुक्रवार शाम को हनुमानगढ़ में अबोहर जाने वाली सड़क पर चक 13 एमएमके रोही में निर्माणाधीन गुरुद्वारे के पास बोलेरो गाड़ी पर फायरिंग की सूचना मिली थी। कॉलर ने हथियारों से लैस कुछ लोगों के वहां होने की बात कही थी, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी मुख्यालय अरविन्द बिश्नोई और डीएसपी मीनाक्षी के सुपरविजन में जंक्शन थाना प्रभारी रामचन्द्र कस्वां के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया।
पुलिस जांच में खुली साजिश की परतें
पुलिस टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों और त्वरित कार्रवाई के आधार पर देर रात बोलेरो (आरजे 31 यूए 3922) को घेर लिया और उसमें सवार पांचों संदिग्धों को दबोच लिया। पूछताछ में सामने आया कि मुख्य साजिशकर्ता इमरान खान उर्फ माणा (24) का अपनी पत्नी के साथ पारिवारिक विवाद चल रहा है। इस मामले को लेकर हनुमानगढ़ टाउन थाने में पहले से मुकदमेबाजी भी दर्ज है।
शुक्रवार को ही इमरान के परिवार और उसके ससुराल पक्ष के बीच एक पंचायत होनी थी। इसी पंचायत और विवाद में ससुराल पक्ष को फंसाने के लिए इमरान ने खुद पर फायरिंग करवाने का यह पूरा नाटक रचा था ताकि पुलिस और समाज में ससुराल वालों के खिलाफ मजबूत दबाव बनाया जा सके।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और अगला कदम
पुलिस ने इस फर्जी वारदात में शामिल सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनकी पहचान मुनाफ अली (38), शकीम अकरम उर्फ गग्गू (23), और मुख्य साजिशकर्ता इमरान खान उर्फ माणा (24) — तीनों निवासी गांव गाहड़ू (हनुमानगढ़ टाउन) के रूप में हुई है। इनके अलावा नाजम अली उर्फ निक्का (32, निवासी मम्मड़ खेड़ा, श्रीगंगानगर) और पवन सिंह (28, निवासी सरदारपुरा जीवन, श्रीगंगानगर) को भी दबोचा गया है।
पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ जंक्शन थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की अग्रिम जांच उप निरीक्षक चुकां को सौंपी गई है। पुलिस अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि वारदात में इस्तेमाल अवैध हथियार कहां से लाया गया था और इस पूरी साजिश में बाकी चार आरोपियों की क्या भूमिका थी। गिरफ्तारी करने वाली मुख्य टीम में एसआई गजेन्द्र शर्मा, एएसआई प्रद्युम्न यादव, कांस्टेबल कृष्ण सिंह और चन्द्रविजय शेखर शामिल रहे, जिन्हें सदर थाना पुलिस, एजीटीएफ और डीएसटी यूनिट का भी सहयोग मिला।
