राजस्थान में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पिछले पांच वर्षों का सबसे लंबा इंतजार कराया है, लेकिन अब मौसम विभाग ने राहत के संकेत दे दिए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले तीन से चार दिनों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं और 2 जुलाई से प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी व पूर्वी राजस्थान में मानसून की गतिविधियां तेज होने की संभावना जताई है। इसके बाद 3 से 5 जुलाई के बीच कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। फिलहाल कोटा, उदयपुर, जयपुर, भरतपुर और आसपास के क्षेत्रों में प्री-मानसून बारिश का असर देखने को मिल रहा है, जबकि बांसवाड़ा, अलवर और कई अन्य जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई है। बारिश से किसानों ने खरीफ फसलों की बुवाई भी शुरू हो गयी है, जिससे कृषि क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। दूसरी ओर, जहां अब तक मानसून नहीं पहुंचा है, वहां भीषण गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। मौसम विभाग के मुताबिक जोधपुर और बीकानेर संभाग के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। वहीं जयपुर, अजमेर और भरतपुर संभाग में भी उमसभरी गर्मी का असर बने रहने की उम्मीद है विभाग ने कई जिलों के लिए गरज-चमक, तेज हवाओं और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यदि मौसम प्रणाली सक्रिय रहती है, तो मानसून तेजी से पूरे राजस्थान में फैलने की उम्मीद है। ऐसे में किसानों से लेकर आम लोगों तक सभी की नजर अब 2 जुलाई पर टिकी है, जब प्रदेश में मानसून की आधिकारिक एंट्री होगी।
2 जुलाई से राजस्थान में भारी बारिश का अलर्ट
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