इंदौर बाईपास पर स्थित प्रमुख ढाबों पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान साफ-सफाई में गंभीर खामियां मिलने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन न होने पर दो प्रतिष्ठानों से कुल 11 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। कमिश्नर खाद्य सुरक्षा एवं नियंत्रक भोपाल के निर्देशन और कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई है।
एमएस जम्मू कश्मीर ढाबा में मिलीं ये गड़बड़ियां
प्रशासन की टीम ने ओमेक्स सिटी-1 के सामने माया खेड़ी स्थित एमएस जम्मू कश्मीर ढाबा का निरीक्षण किया। जांच के दौरान प्रतिष्ठान का खाद्य पंजीयन प्रमाण-पत्र उचित स्थान पर प्रदर्शित नहीं मिला। इसके अलावा पानी की जांच रिपोर्ट और खाद्य कर्मियों के स्वास्थ्य परीक्षण के प्रमाण-पत्र भी मौके पर उपलब्ध नहीं थे।
निरीक्षण में सामने आया कि कुछ कच्चे खाद्य पदार्थों के पैकेट खुले रखे हुए थे। वॉश एरिया में पानी जमा होने के साथ जल निकासी और स्वच्छता व्यवस्था बेहद खराब पाई गई। साथ ही, काम कर रहे खाद्य कर्मी कैप और एप्रन पहने बिना पाए गए। टीम ने मौके से पनीर, तुअर दाल और मिक्स दाल के कुल तीन नमूने जब्त किए।
गिल दा ढाबा-2 पर भी बरती जा रही थीं अनियमितताएं
इसी क्षेत्र में स्थित गिल दा ढाबा-2 की जांच के दौरान भी बड़े पैमाने पर नियमों की अनदेखी पाई गई। यहां भी खाद्य पंजीयन प्रमाण-पत्र प्रदर्शित नहीं था और भंडारण क्षेत्र पूरी तरह अव्यवस्थित मिला। किचन का फर्श गंदा और क्षतिग्रस्त था, जबकि दीवारों और एग्जॉस्ट पर तेल व ग्रीस की मोटी परत जमी हुई थी।
रसोई में शाकाहारी और मांसाहारी कच्चे खाद्य पदार्थों को एक ही फ्रीजर में रखा गया था, जो खाद्य सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन है। परिसर में साफ-सफाई न होने के साथ पानी की जांच रिपोर्ट नदारद थी और डस्टबिन भी खुले पाए गए थे। यहां से पनीर, दही, धनिया पाउडर, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, ग्रीन चिली सॉस, रेड चिली सॉस और सोयाबीन सॉस के कुल आठ नमूने लिए गए।
भोपाल लैब भेजे गए नमूने, आगे होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा दोनों ढाबों से कुल 11 नमूने सील किए गए हैं। इन सभी नमूनों को परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत आगामी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मिलावटखोरी और लापरवाही रोकने के लिए इस तरह के निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
