लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आगामी 19 सितंबर को इंदौर दौरे से पहले सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम स्तर पर अनुमति मिलने में हो रही देरी को लेकर राजनीतिक खींचतान शुरू हो गई है। हालांकि, कार्यक्रम की तारीख आगे बढ़ने के बावजूद शुरुआती चरणों में ही 25 हजार से अधिक छात्रों ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया है।
कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम को सरकार की घबराहट बता रही है, वहीं स्थानीय प्रशासन और भाजपा का कहना है कि आयोजन के लिए तय कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी है।
नेहरू स्टेडियम से जुड़े विवाद के बाद बदली तारीख
राहुल गांधी का यह कार्यक्रम मूल रूप से 12 सितंबर को इंदौर के नेहरू स्टेडियम में होना था। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने इसके लिए नगर निगम को पत्र लिखकर 8 से 12 सितंबर तक स्टेडियम आरक्षित करने का अनुरोध किया था। हालांकि, नगर निगम और जिला प्रशासन ने हाईकोर्ट के पुराने आदेशों का हवाला देते हुए स्टेडियम में राजनीतिक या गैर-खेल आयोजनों की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने इस स्थिति पर स्पष्ट किया कि किसी भी बड़े आयोजन के लिए नियमों के तहत तीन विभागों का समन्वय और सुरक्षा आकलन जरूरी होता है, जिसमें समय लगता है। अनुमति न मिलने के कारण कांग्रेस ने कार्यक्रम की तारीख बदलकर 19 सितंबर कर दी है और अब वैकल्पिक स्थानों जैसे रीजनल पार्क के पास की खाली जमीन पर विचार किया जा रहा है।
कांग्रेस का युवा आउटरीच और पिछला राजनीतिक बैकग्राउंड
यह आयोजन कांग्रेस के Gen-Z और युवा आउटरीच अभियान का हिस्सा है, जिसे कोटा, प्रयागराज और पुणे जैसे प्रमुख शिक्षा केंद्रों के बाद अब इंदौर में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, रोजगार के अवसर और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सीधा संवाद करना है। कांग्रेस का लक्ष्य इस आयोजन में एक लाख तक छात्रों को जोड़ने का है।
यह साल 2026 में मध्य प्रदेश में राहुल गांधी का दूसरा दौरा है। इससे पहले वे 17 जनवरी को इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की त्रासदी के पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे। उस दौरे के दौरान उन्होंने बॉम्बे हॉस्पिटल जाकर बीमार मरीजों से मुलाकात की थी और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए थे।
सियासी बयानबाजी और आगे की तैयारियां
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों के बीच इस कार्यक्रम को लेकर भारी उत्साह है, लेकिन सत्ता पक्ष डर की वजह से अड़ंगे लगा रहा है। दूसरी ओर, भाजपा नेताओं का तर्क है कि प्रशासन पूरी तरह नियमों के दायरे में रहकर काम कर रहा है और इसे राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। गणेश उत्सव के माहौल और शहर की यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए फिलहाल नए वेन्यू पर अंतिम मुहर लगने और प्रशासनिक मंजूरी की प्रक्रिया जारी है।
