जयपुर सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। जेल प्रशासन द्वारा चलाए गए औचक तलाशी अभियान के दौरान अलग-अलग बैरकों में बंद चार शातिर बंदियों के पास से चालू हालत में मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। इस घटना ने अति-सुरक्षित माने जाने वाले परिसर के भीतर अवैध रूप से मोबाइल नेटवर्क और सामान पहुंचने की पोल खोल दी है।
इसी बीच, सुरक्षा में चूक का एक और मामला सामने आया है। एक दिन की पैरोल पर जेल से बाहर गया बंदी तय समय सीमा समाप्त होने के बाद भी वापस नहीं लौटा, जिससे उसके फरार होने की पुष्टि हुई है। लालकोठी थाना पुलिस ने जेल प्रशासन की शिकायत पर दोनों मामलों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बैरकों में औचक छापेमारी, चार मोबाइल जब्त
जेल प्रशासन की टीम ने 22 अगस्त को जयपुर सेंट्रल जेल के विभिन्न बैरकों में अचानक सघन तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने चार बंदियों के पास से मोबाइल और सिम कार्ड जब्त किए।
बैरक संख्या 1 की तलाशी के दौरान बंदी जुबेर पठान के कब्जे से एक मोबाइल बरामद हुआ। बैरक 3 में बंद नैमिऊद्दीन के पास से भी एक फोन जब्त किया गया। वहीं बैरक 5 में औचक निरीक्षण के दौरान बंदी विकास और योगराज सिंह के पास से अलग-अलग मोबाइल और सिम मिले।
जेल प्रहरी अनिल कुमार की शिकायत पर लालकोठी थाने में मामला दर्ज कराया गया है। पुलिस ने सभी चारों मोबाइल को अपने कब्जे में ले लिया है। इस मामले की जांच लालकोठी थाने के एएसआई सुमेर सिंह को सौंपी गई है, जो यह पता लगा रहे हैं कि इन फोनों से जेल के भीतर से किन-किन लोगों को कॉल किए गए थे और इस नेटवर्क के पीछे किसका हाथ है।
पैरोल पर छूटा बंदी शोभित जोशी फरार
सुरक्षा में चूक के दूसरे मामले में जयपुर सेंट्रल जेल से एक दिन की पैरोल पर छूटा बंदी शोभित जोशी तय समय पर वापस नहीं लौटा। पैरोल की अवधि बीत जाने के बाद भी जब शोभित ने जेल में सरेंडर नहीं किया, तब जेल प्रबंधन को उसके फरार होने की जानकारी मिली।
इस संबंध में जेल प्रहरी महेंद्र सिंह की ओर से लालकोठी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। लालकोठी थाना पुलिस की विशेष टीमें अब फरार कैदी शोभित जोशी की तलाश में उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस यह खंगाल रही है कि पैरोल की शर्तों का उल्लंघन कर उसे भगाने में किन लोगों ने मदद की थी।
