जयपुर को मिली ग्रीन रफ्तार, सड़कों पर दौड़ेंगी 30 ई-बसें
जयपुर के सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राजधानी में पहली बार सरकारी सार्वजनिक परिवहन सेवा के तहत इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जा रहा है। जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के बेड़े में शामिल 30 नई इलेक्ट्रिक बसों को शनिवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अमर जवान ज्योति से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। लंबे समय से लंबित इस परियोजना के शुरू होने के साथ ही जयपुर को स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था की सौगात मिलेगी। पिछले करीब पांच वर्षों से इलेक्ट्रिक बसों को शुरू करने की योजना विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से अटकी हुई थी, लेकिन अब यह योजना धरातल पर उतरने की तयारी है। हाल ही में बगराना डिपो पहुंची बसों का सफल ट्रायल पूरा होने के बाद इनके संचालन का रास्ता साफ हुआ है।
नई ई-बसें अत्याधुनिक सुविधाओं से पूरी तरह लैस हैं। इनमें एयर कंडीशनिंग, सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, ऑटोमैटिक पैसेंजर काउंट सिस्टम, डिजिटल पैसेंजर डिस्प्ले, जीपीएस आधारित ट्रैकिंग सिस्टम और आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध हैं। दिव्यांगजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बसों में हाइड्रोलिक गेट और व्हीलचेयर का भी विशेष ध्यान रखा गया है। इन बसों के संचालन से यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा, वहीं डीजल बसों की तुलना में प्रदूषण में भी कमी आएगी इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल फरवरी से विभिन्न प्रमुख मार्गों पर किया जा रहा था, जिसमें उनकी बैटरी क्षमता, चार्जिंग व्यवस्था और भारी ट्रैफिक में प्रदर्शन का परीक्षण किया गया।
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत राजस्थान के आठ शहरों में कुल 1150 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करनी हैं, जिनमें सबसे अधिक 450 बसें जयपुर को आवंटित की गई हैं। इसके अलावा जोधपुर और बीकानेर को 125-125, अजमेर, अलवर और कोटा को 100-100 तथा उदयपुर, सीकर और भीलवाड़ा को 50-50 बसें दी जाएंगी। माना जा रहा है कि ई-बसों के संचालन से न केवल राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

