शाम को छुट्टी के समय जब जयपुर स्थित सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी गाड़ियां लेकर बाहर निकलने लगे, तो मुख्य द्वार पर बड़ा सा ताला लटका मिला। विभाग के ठेकेदारों ने बकाया भुगतान न मिलने से नाराज होकर मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी थी। इससे परिसर के भीतर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई और घंटों जाम की स्थिति बनी रही।
किन मांगों को लेकर अड़े हैं ठेकेदार?
पीडब्ल्यूडी से जुड़े दर्जनों ठेकेदार पिछले कई महीनों से अपने लंबित भुगतानों को जारी करने की मांग पर अड़े हैं। ठेकेदारों का आरोप है कि विभाग के मुखिया और सीनियर आईएएस प्रवीण गुप्ता जानबूझकर उनके भुगतान की फाइलें अटकाए बैठे हैं। कई बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद जब सुनवाई नहीं हुई, तो उन्होंने दफ्तर में तालाबंदी का यह कदम उठाया।
दफ्तर के अंदर कैसे फँसे रहे अफसर?
शाम करीब छह बजे जब दफ़्तर का कामकाज निपटा, तो कर्मचारी और अधिकारी अपनी गाड़ियों तक पहुँचे, लेकिन बाहर निकलने का रास्ता बंद था। मुख्य गेट पर ताला लगा होने की वजह से पार्किंग में गाड़ियां फंसी रह गईं।
दो-तीन घंटे तक इंतजार करने के बाद भी जब ताला नहीं खुला, तो कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने गाड़ियों को परिसर में ही छोड़ दिया। वे छोटे गेट से पैदल बाहर निकले और कैब बुक करके अपने घरों के लिए रवाना हुए। कुछ कर्मचारी देर रात तक परिसर के भीतर ही अटके रहे।
'प्रवीण गुप्ता हटाओ, पीडब्ल्यूडी बचाओ' के नारे
तालाबंदी से पहले ठेकेदारों ने दफ्तर परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल ठेकेदारों ने एक जैसी टी-शर्ट पहन रखी थीं, जिन पर 'प्रवीण गुप्ता हटाओ, पीडब्ल्यूडी बचाओ' के पोस्टर चिपके हुए थे।
ठेकेदारों का कहना है कि निचले स्तर से भुगतान की फाइलें अप्रूवल के लिए सीनियर आईएएस प्रवीण गुप्ता के पास भेजी जाती हैं, लेकिन वे उन फाइलों को रोक लेते हैं। इस देरी के कारण महीनों से काम पूरा करने के बाद भी ठेकेदारों को उनका पैसा नहीं मिल पा रहा है।
अब आगे क्या कदम उठाएंगे ठेकेदार?
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। ठेकेदार अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और चेतावनी दी है कि जब तक रुका हुआ भुगतान जारी नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन और कामकाज ठप रखने का सिलसिला जारी रहेगा।
