जैसलमेर के सांवल कॉलोनी स्थित मैटेरियल रिकवरी फेसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर में काम करने वाले एक 40 वर्षीय मजदूर ने शनिवार रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद मृतक की पत्नी ने पुलिस को सूचित करने के बजाय अन्य श्रमिकों की मदद से पास ही के एक खाली भूखंड में शव को दफना दिया।
पुलिस ने मांगी शव निकालने की अनुमति घटना की जानकारी रविवार सुबह तब सामने आई जब मृतक के रिश्तेदारों ने भीलवाड़ा में उसके परिजनों को सूचना दी। परिजनों के माध्यम से मामले की जानकारी मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शहर कोतवाल सुरजाराम जाखड़ ने बताया कि शव को दफनाए जाने के कारण अब प्रशासनिक अनुमति के बाद ही इसे बाहर निकाला जा सकेगा। सोमवार शाम तक प्रशासन से अनुमति मिलते ही शव को गड्ढे से निकलवाकर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
भीलवाड़ा का रहने वाला था मृतक मृतक रतननाथ मूल रूप से भीलवाड़ा का निवासी था और पिछले कई महीनों से अपनी पत्नी व 12 वर्षीय बेटे के साथ डंपिंग यार्ड के पास झोपड़ी बनाकर रह रहा था। वह एमआरएफ सेंटर में सूखे कचरे की छंटाई का काम करता था। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में पत्नी ने पुलिस को सूचना दिए बिना शव दफनाने का फैसला लिया।
रिश्तेदार के गायब होने पर संदेह प्राथमिक जांच में सामने आया है कि रतननाथ को एमआरएफ सेंटर में काम पर उसके रिश्तेदार लाधूनाथ ने लगवाया था। घटना के बाद से लाधूनाथ अपने परिवार सहित फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है ताकि घटना से जुड़े अन्य पहलुओं और आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके।

