राजस्थान के झालावाड़ जिले में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। पिछले 24 घंटे में जिलेभर में कुल 282 मिलीमीटर (MM) बारिश दर्ज की गई है। झमाझम बारिश के बाद जिले के दो प्रमुख बांधों के गेट खोलने पड़े हैं, जिससे हजारों क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने भारी बारिश की आशंका के बीच निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया है।
इस साल 1 जनवरी से 4 सितंबर 2026 तक जिले में अब तक कुल 9561 MM बारिश दर्ज की जा चुकी है। गुरुवार रात से शुरू हुआ बारिश का दौर शुक्रवार सुबह तक जारी रहा। झालावाड़ शहर में रातभर रुक-रुक कर पानी बरसा, जिसके बाद सुबह 7:30 बजे से 11 बजे तक करीब साढ़े तीन घंटे तक लगातार तेज बारिश हुई। इस झमाझम से शहर की कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई और नालियों का पानी सड़कों पर बहने लगा।
छापी और कालीसिंध बांध के खुले गेट
लगातार हो रही बारिश से जलस्तर बढ़ने के बाद जिला नियंत्रण कक्ष ने पानी छोड़ने का फैसला लिया। छापी बांध के 4 गेट एक-एक मीटर तक खोल दिए गए हैं, जिनसे कुल 10870 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
वहीं, कालीसिंध बांध का एक गेट 0.8 मीटर खोलकर 3390 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, बांधों के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार पानी की आवक बनी हुई है, जिस पर नियंत्रण कक्ष लगातार नजर रख रहा है।
प्रशासन की चेतावनी: नदी-नालों से दूर रहें ग्रामीण
लगातार भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। ग्राम पंचायत तीतरवासा और खानपुरिया ने ग्रामीणों के लिए एडवाइजरी जारी कर 7 सितंबर तक दिन-रात सतर्क रहने की अपील की है।
पंचायतों ने ग्रामीणों को नदी, नाले, तालाब और कुएं जैसे जलस्रोतों के पास जाने से सख्ती से बचने की सलाह दी है। भारी बारिश के चलते नदी-नालों में अचानक जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव से हादसों की आशंका रहती है। प्रशासन ने विशेष तौर पर बच्चों और बुजुर्गों को इन इलाकों से दूर रखने को कहा है।
बिजली के पोल और तारों से दूरी बनाने की सलाह
बारिश के दौरान सुरक्षा को लेकर बिजली के बुनियादी ढांचे से जुड़े खतरों पर भी जोर दिया गया है। लगातार पानी गिरने से मिट्टी कमजोर होने के कारण बिजली के पोल गिरने या तारों के टूटने का खतरा बढ़ जाता है।
ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे घरों से बाहर निकलते समय बिजली के खंभों और झूलते तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। किसी भी आपात स्थिति या जलभराव की सूचना तुरंत स्थानीय पंचायत कार्यालय या कंट्रोल रूम को देने के निर्देश दिए गए हैं।
