झालावाड़ जिले के पिंडावाड़ा क्षेत्र के पांच गांवों में मंगलवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए जाने से हड़कंप मच गया। महज ढाई घंटे के भीतर एक के बाद एक तीन बार धरती डोल उठी, जिससे सहमे ग्रामीण अपने घरों को छोड़कर खुले मैदानों की तरफ भागे। स्थिति को देखते हुए स्थानीय स्कूलों में बच्चों की छुट्टी कर दी गई और प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र नई दिल्ली के अनुसार, रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 3 दर्ज की गई। इसका केंद्र झालावाड़ में ही जमीन के भीतर 15 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। सुबह करीब 7:15 बजे पहला झटका महसूस हुआ, जिसके ठीक एक घंटे बाद 8:20 बजे और फिर सुबह 9:53 बजे तीसरा झटका आया। बार-बार धरती हिलने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया।
किन गांवों में महसूस हुए झटके?
ग्राम पंचायत नोलाई के दायरे में आने वाले पांच गांवों में इस प्राकृतिक आपदा का सबसे ज्यादा असर देखा गया। इनमें नोलाई के अलावा बरखेड़ी, खजुरी, नापाखेड़ी और आवर गांव शामिल हैं। लगातार आए इन झटकों की वजह से कई कच्चे और पक्के मकानों की दीवारों में दरारें आ गईं। ग्रामीण खुले आसमान के नीचे और खेतों में जमा हो गए ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
स्कूलों में रोकी गई पढ़ाई
झटके महसूस होने के समय स्कूलों में बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। अचानक धरती हिलने के बाद शिक्षकों ने तत्परता दिखाते हुए सभी बच्चों को तुरंत कक्षाओं से बाहर निकाला और सुरक्षित खुले मैदान में बैठा दिया। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई, जिसके बाद विद्यार्थियों को उनके घर भेज दिया गया।
जिला प्रशासन की अपील
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें सक्रिय हो गई हैं। अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है। प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और मकानों में आई दरारों की जांच के बाद ही सुरक्षित स्थानों पर लौटें। jhalawar news क्षेत्र में इस असामान्य गतिविधि के बाद से भूवैज्ञानिक स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।
